US Dollar: 3 महीने में सबसे बड़ी गिरावट! क्या फेडरल रिजर्व की नीतियों से निवेशक चिंतित?

ECONOMY
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AuthorMehul Desai|Published at:
US Dollar: 3 महीने में सबसे बड़ी गिरावट! क्या फेडरल रिजर्व की नीतियों से निवेशक चिंतित?

अमेरिकी डॉलर ने इस हफ्ते **1.3%** की गिरावट दर्ज की है, जो अप्रैल के बाद की सबसे तेज गिरावट है। फेडरल रिजर्व की महंगाई रोकने की क्षमता पर बढ़ती चिंताओं के बीच ऐसा हुआ है। हालांकि अमेरिकी यील्ड (Yield) अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं, लेकिन निवेशक ब्याज दरों में बढ़ोतरी में संभावित देरी को लेकर असहज दिख रहे हैं।

डॉलर पर बिकवाली का दबाव

इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर पर भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स के अनुसार, डॉलर 1.3% के नुकसान के साथ बंद हुआ। यह तीन महीने से अधिक समय में डॉलर का सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा है, जिसने वैश्विक मुद्रा बाजारों का मिजाज बदल दिया है। यह गिरावट इसलिए भी खास है क्योंकि यह अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (Treasury Yields) में बढ़ोतरी के बावजूद हुई है, जो आमतौर पर डॉलर को सहारा देती है।

फेड की पॉलिसी और निवेशकों का सेंटीमेंट

इस हफ्ते की शुरुआत में डॉलर के प्रति मार्केट सेंटीमेंट चरम पर था। कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के आंकड़ों से पता चला कि जुलाई 28 तक ट्रेडर्स के पास 2014 के बाद डॉलर में सबसे बड़ी बुलिश पोजीशन थी।

लेकिन, इस उम्मीद पर तब पानी फिर गया जब यह चिंताएं बढ़ीं कि फेडरल रिजर्व लगातार बनी हुई महंगाई के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में हिचकिचा सकता है। फेड चेयर केविन वॉर्श की टिप्पणियों से मार्केट में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में और बढ़ोतरी को टाल सकता है। स्ट्रैटेजिस्ट्स का मानना है कि निवेशक फेड के मौजूदा संचार को महंगाई को 2% के लक्ष्य तक वापस लाने में फेड की विश्वसनीयता के लिए संभावित जोखिम के रूप में देख रहे हैं।

येन में दखल का असर

जापानी अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप के बाद जापानी येन में तेज उछाल देखा गया, जिसने डॉलर पर बाहरी दबाव डाला। हाल के न्यूयॉर्क ट्रेडिंग सत्र में, येन डॉलर के मुकाबले 3.3% तक चढ़ गया। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान (Bank of Japan) ने अपनी ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया, लेकिन येन मजबूत बना रहा और दिन भर में डॉलर और यूरो दोनों के मुकाबले 1% से अधिक की बढ़त हासिल की। इस बदलाव ने डॉलर की व्यापक कमजोरी को और बढ़ा दिया है, क्योंकि निवेशक यह देख रहे हैं कि अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंक मौजूदा वैश्विक आर्थिक माहौल पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।

आर्थिक आंकड़े और भविष्य का अनुमान

हाल के अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने डॉलर के लिए मिली-जुली तस्वीर पेश की है। पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) प्राइस इंडेक्स, जो फेडरल रिजर्व का महंगाई का पसंदीदा पैमाना है, पिछले महीने 0.1% की गिरावट दिखाता है। इसके अतिरिक्त, गुरुवार को जारी आंकड़ों से संकेत मिला कि दूसरी तिमाही में अमेरिकी आर्थिक वृद्धि धीमी पड़ी। इन आंकड़ों के बावजूद, स्वैप मार्केट (Swap Markets) बताते हैं कि निवेशक अभी भी साल के बाकी बचे समय के लिए लगभग 34 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं, जो कि अपेक्षाकृत स्थिर आंकड़ा है।

निवेशकों के लिए, भविष्य की अमेरिकी आर्थिक रिपोर्ट और फेडरल रिजर्व की नीति दिशा पर किसी भी स्पष्टीकरण पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। डॉलर के लिए एक स्थायी गिरावट इस बात पर निर्भर कर सकती है कि आने वाले आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मंदी की पुष्टि करते हैं या नहीं, जिससे बाजार ब्याज दर में और बढ़ोतरी की अपनी उम्मीदों को कम कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.