US Debt Burden: ब्याज का बोझ बेकाबू, डॉलर के वर्चस्व पर खतरा!

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
US Debt Burden: ब्याज का बोझ बेकाबू, डॉलर के वर्चस्व पर खतरा!
Overview

अमेरिका एक गंभीर आर्थिक मोड़ पर खड़ा है। देश का सार्वजनिक कर्ज सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के **120%** को पार कर गया है, और सबसे चिंताजनक बात यह है कि राष्ट्रीय कर्ज पर ब्याज भुगतान अब रक्षा खर्च (Defense Spending) को भी पीछे छोड़ रहा है। इन हालातों के बीच अमेरिकी डॉलर की वैश्विक रिजर्व करेंसी (Reserve Currency) के तौर पर स्थिति पर गंभीर दबाव आ गया है।

ब्याज दर का बड़ा झटका

अमेरिका की फिस्कल हेल्थ (Fiscal Health) इस वक्त गहरी जांच के घेरे में है। राष्ट्रीय कर्ज पर हर साल होने वाला ब्याज भुगतान $1 ट्रिलियन (खरब) को पार कर गया है, जो 2024 में रक्षा खर्च (Defense Spending) से भी ज्यादा है। फिस्कल ईयर (Financial Year) 2025 के लिए, सिर्फ ब्याज के तौर पर $970 बिलियन का अनुमान है, और यह आंकड़ा 2036 तक बढ़कर $2.1 ट्रिलियन तक पहुँचने की उम्मीद है। यह रकम सरकारी राजस्व (Federal Revenue) का एक बड़ा हिस्सा खा जाएगी और मेडिकेड (Medicaid) व राष्ट्रीय रक्षा जैसे बड़े कार्यक्रमों से भी ज़्यादा होगी।

यह बढ़ोतरी कर्ज के बढ़ते स्तर (जो 2025 तक जीडीपी का 121% हो गया है) और 2022 के बाद से कैपिटल मार्केट (Capital Markets) की ब्याज दरों में आई भारी उछाल का सीधा नतीजा है। फिलहाल 10-साल की ट्रेजरी यील्ड (Treasury Yield) लगभग 4.01-4.05% और 30-साल की यील्ड 4.67% के आसपास बनी हुई है। 2008 के बाद की कम ब्याज दर वाले दौर की तुलना में यह कर्ज लेना कहीं ज़्यादा महंगा हो गया है। अन्य विकसित देशों की तुलना में, अमेरिका को अपने रेवेन्यू के मुकाबले ज़्यादा ब्याज चुकाना पड़ रहा है - औसतन लगभग 12%, जबकि यूके (UK) में यह 7% और जर्मनी (Germany) में सिर्फ 2.5% है।

कर्ज फाइनेंसिंग के हिलते सहारे

ऐतिहासिक रूप से, अमेरिकी ट्रेजरी मार्केट्स (Treasury Markets) को फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की ओर से मिले सपोर्ट और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (Regulatory Frameworks) का सहारा मिला है। क्वांटिटेटिव ईजिंग (Quantitative Easing - QE) जैसे कार्यक्रमों ने फेड के बैलेंस शीट (Balance Sheet) को 2022 तक लगभग $8.9 ट्रिलियन तक फैला दिया था, जिससे लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ी और यील्ड्स (Yields) दबी रहीं। इसी के साथ, लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (Liquidity Coverage Ratio - LCR) जैसे नियमों ने बैंकों के लिए अमेरिकी सरकारी सिक्योरिटीज की एक स्थिर मांग (Captive Demand) पैदा की।

लेकिन अब फेडरल रिजर्व ने क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (Quantitative Tightening - QT) बंद कर दी है, और इस बात की अटकलें हैं कि मौद्रिक दबावों को संभालने के लिए बैलेंस शीट का विस्तार फिर से शुरू हो सकता है। इस बदलाव और बढ़ती ब्याज दरों से इन सपोर्ट मैकेनिज्म की प्रभावशीलता कमजोर हो रही है। इतना ही नहीं, बड़े विदेशी खरीदार भी पीछे हट रहे हैं। चीन, जो कभी एक प्रमुख खरीदार था, ने अपनी ट्रेजरी होल्डिंग्स (Treasury Holdings) को 2008 के बाद के निम्नतम स्तर पर ला दिया है। 2013 में $1.3 ट्रिलियन के शिखर से घटकर दिसंबर 2025 तक यह $683.5 बिलियन रह गया है। सोने की ओर चीन का यह रणनीतिक झुकाव विदेशी निवेशकों के बीच एक बड़े ट्रेंड (Broader Trend) का संकेत देता है, जो अब अपने निवेशों में विविधता ला रहे हैं। कुल मिलाकर, विदेशी निवेशक करीब $9.3 ट्रिलियन की अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज रखते हैं, लेकिन इसमें बढ़त यील्ड की तलाश में लगे प्राइवेट इन्वेस्टर्स (Private Investors) की वजह से हुई है, न कि ऑफिशियल इंस्टीट्यूशन्स (Official Institutions) द्वारा सुरक्षित संपत्ति के तौर पर खरीदने से।

फिस्कल स्टिमुलस का दुविधा

'वन बिग ब्यूटीफुल बिल' (One Big Beautiful Bill - OBBBA) जैसे कानूनों ने, जो जुलाई 2025 में पारित हुए, फिस्कल सिचुएशन को और जटिल बना दिया है। इसके समर्थक दावा करते हैं कि यह 2034 तक कर्ज-से-जीडीपी अनुपात को 94% तक ले आएगा और घाटे को कम करेगा। हालांकि, कांग्रेस के बजट ऑफिस (Congressional Budget Office - CBO) जैसे गैर-पक्षपाती विश्लेषणों से पता चलता है कि OBBBA अगले दस वर्षों में राष्ट्रीय कर्ज में $3 ट्रिलियन की बढ़ोतरी करेगा, और ब्याज सहित इसकी लागत $4 ट्रिलियन से अधिक हो सकती है, जिससे बजट घाटा बढ़ेगा।

यह कानून, जो टैक्स कट्स (Tax Cuts) को बढ़ाता है और नए कट्स जोड़ता है, साथ ही खर्चों में एडजस्टमेंट (Spending Adjustments) का प्रस्ताव करता है, एक लगातार बनी हुई चुनौती को उजागर करता है: अमेरिका अन्य विकसित देशों की तुलना में अपेक्षाकृत कम टैक्स-टू-जीडीपी अनुपात (Tax-to-GDP Ratio) पर काम करता है। 2023 में, अमेरिका का यह अनुपात लगभग 25.2% था, जो ओईसीडी (OECD) के औसत 33.9% से काफी कम है। खर्चों को बढ़ाने और टैक्स बेस को अपेक्षाकृत कम रखने का यह फिस्कल अप्रोच कर्ज के बढ़ते ग्राफ को और बढ़ाता है, जिससे फिस्कल गैप (Fiscal Gap) गहरा होता है।

डॉलर की घटती धाक

दुनिया की प्रमुख रिजर्व करेंसी (Reserve Currency) के तौर पर अमेरिकी डॉलर की स्थिति, जो गहरे कैपिटल मार्केट्स (Capital Markets) और भरोसे पर टिकी है, बढ़ते दबाव का सामना कर रही है। बढ़ते अमेरिकी कर्ज, पॉलिटिकल पोलराइजेशन (Political Polarization) और फेडरल रिजर्व की विश्वसनीयता पर चिंताएं इसके वैश्विक प्रभुत्व की नींव को कमजोर कर रही हैं। पिछले एक दशक में डॉलर की रिजर्व हिस्सेदारी में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है, लेकिन अमेरिकी उधार लागत पर इसका प्रभाव कम हो सकता है, जो यह दर्शाता है कि 'एक्सॉर्बिटेंट प्रिविलेज' (Exorbitant Privilege) कम हो रहा है। सेंट्रल बैंकों के रिजर्व में विविधता लाना और स्टेबलकॉइन्स (Stablecoins) व डिजिटल करेंसी (Digital Currencies) जैसे नवाचार, डॉलर की लंबी अवधि की हेजेमनी (Hegemony) पर सवाल खड़े करते हुए वैकल्पिक वित्तीय ढांचे पेश कर रहे हैं।

मंदी के समर्थकों का तर्क

वर्तमान फिस्कल रास्ता महत्वपूर्ण जोखिमों से भरा है। कर्ज के वास्तविक मूल्य को कम करने के लिए 'इन्फ्लेशन टैक्स' (Inflation Tax) पर निर्भरता, जो थोड़ी राहत दे सकती है, अस्थिर है और उच्च मुद्रास्फीति (High Inflation) को फिर से भड़काने का जोखिम रखती है। विशाल और अपारदर्शी ओवर-द-काउंटर डेरिवेटिव्स मार्केट (Over-the-Counter Derivatives Market), जिसका नोटिशनल वैल्यू (Notional Value) $700-800 ट्रिलियन के करीब है, एक सिस्टमिक रिस्क (Systemic Risk) पैदा करता है जो वित्तीय नेटवर्क में झटकों को तेजी से फैला सकता है, जिससे अमेरिकी और वैश्विक बाजार अस्थिर हो सकते हैं।

मूल चुनौती यह है कि नीतिगत उपाय घाटे को कम करने के बजाय उन्हें फाइनेंस करने पर केंद्रित रहे हैं। सार्वजनिक खर्च में बड़ी कटौती और टैक्स राजस्व (Tax Revenues) में बढ़ोतरी के बिना, अमेरिकी कर्ज की स्थिरता तेजी से नाजुक होती जा रही है, जिससे आर्थिक स्थिरता (Economic Stability) और डॉलर की वैश्विक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। 'बिग ब्यूटीफुल बिल' को ग्रोथ को बढ़ाने के लिए लाया गया, लेकिन आलोचकों का मानना है कि यह संरचनात्मक घाटे के मुद्दों को हल करने के बजाय फिस्कल गैप को और बढ़ाएगा और धन का पुनर्वितरण (Redistribution) करेगा।

भविष्य का नज़रिया

हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) को रोकना और स्टेबलकॉइन जारीकर्ताओं जैसे नए खरीदारों का उभरना कुछ बाजार समर्थन प्रदान कर सकते हैं, लेकिन ये उपाय मूल रूप से बढ़ते कर्ज और ब्याज के बोझ के ग्राफ को नहीं बदलते हैं। अमेरिकी कर्ज की दीर्घकालिक स्थिरता फिस्कल कंसोलिडेशन (Fiscal Consolidation) की दिशा में एक निर्णायक बदलाव पर निर्भर करती है, जिसमें व्यय में कटौती (Expenditure Restraint) और राजस्व वृद्धि (Revenue Enhancement) दोनों शामिल हैं। हालांकि, राजनीतिक परिदृश्य और नीतिगत दिशा बताती है कि निकट भविष्य में महत्वपूर्ण घाटा कम होने की संभावना नहीं है, जिससे देश बढ़ती फिस्कल कमजोरियों (Fiscal Fragilities) और उसकी वित्तीय स्थिति के संभावित क्षरण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाएगा।

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