महंगाई पर 'रेड अलर्ट': CPI के आंकड़े क्या कहते हैं?
आने वाले अप्रैल महीने के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हैं। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि यह रिपोर्ट अमेरिका में महंगाई में एक बड़ी उछाल दिखाएगी। इसका सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव की वजह से तेल की बढ़ती कीमतें हैं। अनुमान है कि हेडलाइन CPI पिछले महीने के मुकाबले लगभग 0.6% बढ़ सकती है, जिससे सालाना महंगाई दर 3.7% के करीब पहुंच जाएगी। यह मार्च के 3.3% से एक अहम तेजी होगी और सितंबर 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर हो सकता है। इसमें पेट्रोल की लागत एक बड़ा योगदानकर्ता है।
कोर महंगाई की भी चिंता
वहीं, खाने-पीने और ऊर्जा जैसे अस्थिर दामों को छोड़कर, यानी कोर CPI की बात करें तो, इसके मासिक आधार पर 0.3% बढ़ने और सालाना 2.7% तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि यह मार्च के 2.6% से मामूली बढ़ोतरी है, लेकिन विश्लेषक घरों की लागत (shelter costs) में भी कुछ दबाव की उम्मीद कर रहे हैं।
फेड की ब्याज दरों पर बड़ा सवाल
महंगाई की यह लगातार बढ़ती प्रवृत्ति फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के लिए ब्याज दरें घटाने की योजनाओं पर पानी फेर सकती है। यदि अप्रैल का CPI डेटा उम्मीद से ज्यादा गर्म (यानी महंगाई ज्यादा) निकलता है, खासकर कोर महंगाई के मामले में, तो यह इस बात की पुष्टि कर सकता है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी। बाज़ार पहले से ही इन संभावनाओं को री-प्राइस कर रहे हैं, कुछ फ्यूचर्स तो अब 2026 में भी कोई दर कटौती न होने का संकेत दे रहे हैं। गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) जैसे संस्थानों ने अपनी पहली दर कटौती की उम्मीद को दिसंबर 2026 तक टाल दिया है, जिसका मुख्य कारण 3% के करीब चिपकी हुई महंगाई और ऊंची ऊर्जा लागत है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) ने भी इन महंगाई के दबावों को स्वीकार किया है और कहा है कि ऊंची ऊर्जा कीमतें अल्पावधि में समग्र महंगाई को बढ़ाएंगी। आने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक उनके आर्थिक अनुमानों में किसी भी बदलाव के लिए महत्वपूर्ण होगी।
बाज़ार पर असर: टेक शेयरों की चमक फीकी?
इन महंगाई चिंताओं के बावजूद, अमेरिकी शेयर बाज़ार, जिनमें S&P 500 और नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq Composite) शामिल हैं, रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। यह उछाल काफी हद तक AI-संचालित टेक्नोलॉजी शेयरों की वजह से आया है। Nvidia जैसी AI चिप निर्माता कंपनियों ने अपने मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारी वृद्धि देखी है। हालांकि, यह बाज़ार की मजबूती संकीर्ण दिख रही है। HSBC रिसर्च (HSBC Research) के अनुसार, हालिया तेजी कुछ ही शेयरों तक सीमित रही है, और कई शेयर अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर से नीचे कारोबार कर रहे हैं, जो व्यापक भागीदारी की कमी का संकेत देता है। यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम आते हैं, तो घर बनाने वालों (homebuilders) और स्मॉल-कैप शेयरों जैसे ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील क्षेत्र (rate-sensitive sectors) बाज़ार में बढ़त का नेतृत्व कर सकते हैं। यह संकेत दे सकता है कि यदि ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं, तो वर्तमान टेक-हैवी लीडरशिप से एक रोटेशन (rotation) हो सकता है। S&P 500 का वर्तमान मूल्यांकन (valuation) भी चिंताजनक है, खासकर अगर ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं। 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड (Treasury yield) लगभग 4.43% पर बनी हुई है, जो ग्रोथ स्टॉक के मूल्यांकन पर दबाव डाल सकती है।
भू-राजनीतिक जोखिम और नीतिगत बाधाएं
मध्य पूर्व का संघर्ष सिर्फ ऊर्जा कीमतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एल्यूमीनियम, स्टील और उर्वरकों जैसे महत्वपूर्ण कमोडिटीज (commodities) को भी प्रभावित कर रहा है। यह सप्लाई चेन (supply chains) और मूल्य स्थिरता को जटिल बनाता है, जिससे फेडरल रिजर्व के लिए एक मुश्किल संतुलन बनाना पड़ रहा है। भले ही लेबर मार्केट (labor market) मजबूत बना हुआ है, लेकिन फेड के 2% के लक्ष्य से ऊपर लगातार बनी हुई महंगाई, वैश्विक अनिश्चितताओं के साथ मिलकर, केंद्रीय बैंक के लिए दरें घटाने की गुंजाइश को सीमित कर रही है। एक समय से पहले लिया गया फैसला या महंगाई को प्रबंधित करने में कोई भी गलती मूल्य वृद्धि को फिर से भड़का सकती है, जिससे प्रतिबंधात्मक मौद्रिक नीति (restrictive monetary policy) की एक लंबी अवधि हो सकती है जो आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकती है और बाज़ार में गिरावट ला सकती है।
आगे का रास्ता: महंगाई ही मुख्य फैक्टर
विश्लेषकों के बीच आगे के रास्ते को लेकर मतभेद हैं, लेकिन महंगाई की चिंताएं मौद्रिक नीति को प्रभावित करती रहेंगी। HSBC Research ने S&P 500 के लिए साल के अंत का टारगेट बढ़ाया है, लेकिन इसके लिए टेक्नोलॉजी शेयरों के अलावा बाज़ार की व्यापक भागीदारी और भू-राजनीतिक तनावों में कमी की आवश्यकता पर जोर दिया है। अप्रैल CPI डेटा पर बाज़ार की प्रतिक्रिया निकट अवधि के सेंटिमेंट के लिए एक प्रमुख संकेतक होगी, जो यह तय कर सकती है कि वर्तमान रैली जारी रहेगी या नहीं, और फेडरल रिजर्व के अगले नीतिगत निर्णयों पर ध्यान केंद्रित होने के साथ बाज़ार का व्यापक पुनर्मूल्यांकन आवश्यक होगा।
