DRC में इबोला का कहर: अफ्रीका को ₹3.6 अरब का भारी नुकसान, लाखों लोग गरीबी में धकेले जाएंगे

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
DRC में इबोला का कहर: अफ्रीका को ₹3.6 अरब का भारी नुकसान, लाखों लोग गरीबी में धकेले जाएंगे

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला का बढ़ता प्रकोप अब सिर्फ स्वास्थ्य आपातकाल नहीं रहा, बल्कि यह पूरे अफ्रीकी महाद्वीप के लिए एक बड़े आर्थिक संकट का सबब बन सकता है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रकोप से **10 लाख** के करीब लोग गरीबी में धकेले जा सकते हैं और पूरे अफ्रीका को **$3.6 अरब** का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इबोला संकट का गहराता आर्थिक साया

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने अपनी 'रैपिड सोशियो-इकोनॉमिक असेसमेंट ऑफ इबोला आउटब्रेक इन द डी.आर.सी.' रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि कांगो में फैला इबोला वायरस न केवल एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है, बल्कि यह एक गंभीर आर्थिक मंदी की ओर भी इशारा कर रहा है। यह प्रकोप डी.आर.सी. के साथ-साथ युगांडा जैसे पड़ोसी देशों को भी प्रभावित कर रहा है, जिससे व्यापार, रोजगार और गरीबी उन्मूलन के प्रयासों में बाधा आ रही है।

अफ्रीकी अर्थव्यवस्थाओं पर विनाशकारी असर

UNDP का अनुमान है कि अगर स्थिति और बिगड़ी तो अफ्रीकी अर्थव्यवस्थाओं को कुल $3.6 अरब तक का नुकसान हो सकता है। अकेले डी.आर.सी. में ही सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में $1 अरब से अधिक की गिरावट का अनुमान है। इतना ही नहीं, सप्लाई चेन और व्यापार में बाधाओं के कारण अकेले डी.आर.सी. में 55,000 नौकरियां जा सकती हैं, और पूरे महाद्वीप में लगभग 90,000 औपचारिक नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है।

लाखों लोग गरीबी की ओर, महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित

यह प्रकोप एक बड़े गरीबी संकट को जन्म दे सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, 9,85,000 से अधिक लोग इस स्वास्थ्य आपातकाल के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष परिणाम के रूप में गरीबी में धकेले जा सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों पर पड़ेगा, जिनकी दैनिक खपत में भारी गिरावट आने की आशंका है। महिलाओं को विशेष रूप से कमजोर बताया गया है, क्योंकि वे अक्सर अनौपचारिक व्यापार में शामिल होती हैं और मुख्य देखभालकर्ता होने के कारण स्वास्थ्य जोखिमों और आर्थिक असुरक्षा दोनों का सामना करती हैं।

स्वास्थ्य, शिक्षा और दीर्घकालिक खतरे

इबोला से निपटने के लिए जरूरी स्वास्थ्य संसाधनों का इस्तेमाल इस प्रकोप पर केंद्रित होने के कारण, डी.आर.सी. में गैर-इबोला कारणों से 2,520 अतिरिक्त शिशु मौतों का अनुमान है। इसके अलावा, आर्थिक तंगी और संक्रमण के डर से शिक्षा में भी बाधा आ रही है। डी.आर.सी. में 34,000 से 36,000 प्राथमिक स्कूली छात्र पढ़ाई छोड़ सकते हैं, और युगांडा के छात्रों के लिए भी ऐसे ही जोखिम बताए गए हैं।

आगे क्या?

UNDP ने इन जोखिमों को कम करने के लिए लिंग-संवेदनशील नीतियों की सिफारिश की है, जिसमें कमजोर परिवारों के लिए लक्षित नकद हस्तांतरण और उपभोग सब्सिडी शामिल हैं। सुरक्षित व्यापार और आवाजाही की अनुमति देने के लिए व्यापक सीमा बंदी के बजाय लक्षित स्क्रीनिंग उपायों को अपनाने का सुझाव दिया गया है। निवेशक और विश्लेषक इस बात पर नजर रख रहे हैं कि क्षेत्रीय सरकारें और अंतर्राष्ट्रीय भागीदार बीमारी पर नियंत्रण के साथ-साथ दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता कार्यक्रमों को कितनी प्रभावी ढंग से एकीकृत कर पाते हैं।

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