ट्रेड डील से शेयर बाजार में रौनक
3 फरवरी, 2026 को भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक बहुप्रतीक्षित ट्रेड एग्रीमेंट (Trade Agreement) के पूरा होने से देश के बड़े औद्योगिक घरानों के शेयरों में जबरदस्त उछाल आया। मुंबई में ट्रेडिंग के दौरान Reliance Industries Ltd. का शेयर 7.1% तक चढ़ गया, जो पिछले दो सालों में इसकी सबसे बड़ी एक दिन की बढ़त थी। इसी तरह, Adani Enterprises Ltd. के शेयर में 11.9% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो नवंबर 2024 के बाद का सबसे बड़ा उछाल है। इस तेजी का असर बड़े मार्केट पर भी दिखा, जहाँ Nifty 50 इंडेक्स की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। दिनभर की ट्रेडिंग में Sensex 2.57% चढ़ा, जबकि ऑयल एंड गैस सेक्टर (Oil & Gas Sector) में 2.69% की तेजी देखी गई।
रणनीतिक तेल पहुँच और टैरिफ में बड़ी राहत
इस समझौते का सबसे बड़ा पहलू यह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत द्वारा रूसी तेल (Russian Oil) की खरीद बंद करने की शर्त पर, पहले लगाए गए 50% के भारी टैरिफ (Punitive Tariffs) को घटाकर 18% कर दिया है। हालांकि डील की पूरी जानकारी अभी सामने आनी बाकी है, लेकिन इसके फाइनल होने से एशिया के दो सबसे अमीर उद्योगपतियों के नेतृत्व वाली कंपनियों को बड़ी राहत मिली है।
Reliance Industries के लिए, इस डील का मतलब है कि कंपनी वेनेजुएला (Venezuela) से कच्चे तेल (Crude Oil) का आयात फिर से शुरू करने पर विचार कर सकती है। जनवरी 2026 की शुरुआत से ही Reliance इस पर सक्रिय रूप से काम कर रही थी, क्योंकि वेनेजुएला का तेल आकर्षक कीमतों और मार्जिन की पेशकश करता है। यह कदम रूसी तेल की सप्लाई में आ रही भू-राजनीतिक अस्थिरता को कम करने में मदद करेगा। Reliance दोनों सरकारों से मार्गदर्शन लेने के बाद ही आगे की योजना बनाएगी।
कानूनी जांच और वैल्यूएशन पर असर
वहीं, Adani Enterprises के लिए, भारत और अमेरिका के बीच बेहतर हुए कूटनीतिक संबंध अमेरिका में चल रही कानूनी जांचों को सुलझाने में मददगार साबित हो सकते हैं। अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) गौतम और सागर अडानी के खिलाफ कथित सिक्योरिटीज धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी से संबंधित शिकायतों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा, डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) के पास भी Adani Group के खिलाफ एक आपराधिक अभियोग (Criminal Indictment) है।
इस बड़ी तेजी के बावजूद, 3 फरवरी, 2026 तक Adani Enterprises का P/E (Price-to-Earnings) रेश्यो करीब 32.92 है, जो कि इसके प्रतिस्पर्धियों जैसे Mysore Petro Chemicals (P/E 5.8x) और MSTC Ltd (P/E 9.5x) से काफी ज्यादा है। Reliance Industries का TTM P/E रेश्यो लगभग 25.5 है, जो सेक्टर के औसत P/E 13.75 से अधिक है।
हाल की गिरावट की भरपाई और भविष्य की राह
इस मंगलवार की जोरदार रैली से 2026 की शुरुआत में इन कंपनियों की संपत्ति में आई भारी गिरावट की कुछ हद तक भरपाई होने की उम्मीद है। इस साल अब तक Reliance के शेयर 8% तक गिर चुके थे। हालाँकि, आज की बढ़त के बाद Reliance के शेयर साल-दर-तारीख (Year-to-Date) आधार पर अभी भी 8% नीचे हैं।
बाजार विश्लेषक Reliance पर अभी भी बुलिश (Bullish) हैं, जहाँ 17 विश्लेषकों ने 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) और 14 ने 'बाय' (Buy) रेटिंग दी है, जबकि केवल 2 एनालिस्ट 'सेल' (Sell) की सलाह दे रहे हैं। Adani Enterprises के लिए, अमेरिका में जांचों के समाधान और डिफेंस व एयरोस्पेस में हालिया रणनीतिक कदमों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।