Niti Aayog की नई रिपोर्ट में तमिलनाडु ने निवेश के मामले में देश में तीसरा स्थान हासिल किया है। खास बात यह है कि यहां निवेश के वादों (MoU) का हकीकत में बदलने का रेट करीब **100%** है। राज्य इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपोर्ट में शानदार है, लेकिन फिस्कल हेल्थ और लॉजिस्टिक्स में कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं।
Niti Aayog की नई 'Investment Friendliness Index' रिपोर्ट में तमिलनाडु को भारतीय राज्यों में तीसरा स्थान मिला है। राज्य को कुल 53.3 अंक मिले हैं। गुजरात (56.6 अंक) और महाराष्ट्र (53.7 अंक) इस सूची में क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं। इस रिपोर्ट की सबसे खास बात यह है कि तमिलनाडु में हुए निवेश के वादों (MoU) का ऑन-ग्राउंड प्रोजेक्ट्स में बदलने का रेट लगभग 100% है, जो निवेशकों का भरोसा दर्शाता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपोर्ट में दम
रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु का मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम इसकी बड़ी ताकत है। राज्य का एक्सपोर्ट-टू-GSDP रेशियो बड़े राज्यों के औसत से काफी ऊपर है। राज्य में पोर्ट ऑपरेशन (Port Operation) बेहतर हैं, बिजली कटौती (electricity downtime) कम होती है, और ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन लॉस भी दूसरों के मुकाबले कम है। इन मजबूत इंफ्रा फैसिलिटीज के साथ-साथ अटल टिंकरिंग लैब्स (Atal Tinkering Labs) की मौजूदगी, मल्टीनेशनल कंपनियों और नए इंडस्ट्रियल प्लेयर्स के लिए एक अच्छा माहौल तैयार करती है।
फिस्कल हेल्थ और लॉजिस्टिक्स की चिंताएं
निवेश के वादों को पूरा करने में तमिलनाडु का प्रदर्शन शानदार होने के बावजूद, Niti Aayog की रिपोर्ट कुछ गंभीर चिंताएं भी उठाती है। राज्य की फिस्कल हेल्थ (Fiscal Health) पर खास नजर रखने की जरूरत है। बकाया देनदारियां (outstanding liabilities) राज्य के ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) का 31% हैं, और ब्याज भुगतान (interest payments) GSDP का 3.4% है। इन आंकड़ों की वजह से राज्य का फाइनेंशियल हेल्थ स्कोर राष्ट्रीय औसत से थोड़ा नीचे रहा।
लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर (Logistics Infrastructure) का हाल भी मिला-जुला है। राज्य के पास एक बड़ा रोड और रेल नेटवर्क है, लेकिन कुछ ऑपरेशनल दिक्कतें हैं। खास तौर पर, चेन्नई पोर्ट (Chennai Port) पर ट्रकों को औसतन 36 घंटे तक का इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा, इनलैंड कंटेनर डिपो (inland container depots) और कंटेनर फ्रेट स्टेशन्स (container freight stations) की क्षमता राज्य के मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट से पीछे है। चेन्नई से यूरोप के लिए सीधी इंटरनेशनल फ्लाइट कनेक्टिविटी (international flight connectivity) का अभाव भी एक बड़ी चुनौती है। औद्योगिक संचालन के लिए पानी की सप्लाई (water supply) भी कुछ इलाकों में चिंता का विषय है।
यहां प्रोजेक्ट्स में निवेश करने वाले निवेशकों को राज्य सरकार द्वारा इन लॉजिस्टिक्स और फिस्कल दिक्कतों को दूर करने के तरीकों पर नजर रखनी होगी। पोर्ट के आधुनिकीकरण (port modernization), इनलैंड कंटेनर सुविधाओं का विस्तार और राज्य के कर्ज को कम करने के प्रयासों पर भविष्य के अपडेट्स, इंडस्ट्रियल स्टेबिलिटी के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
