भू-राजनीतिक राहत ने बढ़ाई शेयरों की चमक
मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते वैश्विक शेयर बाजारों में जोरदार उछाल आया है। US और ईरान के बीच संघर्षविराम (Ceasefire) की घोषणा ने भू-राजनीतिक चिंताओं को कम कर दिया है, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार जैसे Dow Jones Industrial Average, S&P 500 और Nasdaq Composite में गुरुवार को अच्छी खासी तेजी दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में भी मजबूती दिखी, हालांकि कुछ जगहों पर युद्धविराम की लंबी अवधि की स्थिरता पर अनिश्चितता के कारण बढ़त सीमित रही।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आई अप्रत्याशित कमजोरी
बाजार की इस तेजी के बिल्कुल विपरीत, अमेरिका से आए नवीनतम आर्थिक आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। 2025 की चौथी तिमाही में अमेरिका की ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) ग्रोथ दर सिर्फ 0.5% रही, जो तीसरी तिमाही के 4.4% ग्रोथ के मुकाबले एक बड़ी गिरावट है। सरकारी शटडाउन के कारण आई इस नरमी ने आर्थिक गति में महत्वपूर्ण कमी का संकेत दिया है, जिसे बाजार फिलहाल नजरअंदाज कर रहा है।
वैल्यूएशन और कमोडिटीज पर मिले-जुले संकेत
शेयरों के वैल्यूएशन (Valuation) पर भी मिली-जुली राय है। S&P 500 का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 24.3 से 26.0 के बीच है, जो इसके दीर्घकालिक औसत से काफी ऊपर है। एक विश्लेषण के अनुसार, 10 साल के CAPE रेश्यो 39.3 के साथ यह "मजबूत ओवरवैल्यूड" (strongly overvalued) दिख रहा है। वहीं, भारतीय Nifty 50 लगभग 20.9 के P/E पर कारोबार कर रहा है, जो इसके 19x के औसत से थोड़ा ऊपर है, जिसे विश्लेषक "फेयर वैल्यू" (fair value) मान रहे हैं।
युद्धविराम की खबरों का असर कमोडिटी (Commodity) की कीमतों पर भी देखा गया। West Texas Intermediate और Brent क्रूड ऑयल के दाम $100 प्रति बैरल से नीचे आ गए, जिससे महंगाई की चिंताएं कम हुईं। सोने की कीमतों में मिली-जुली चाल देखी गई, लेकिन कमजोर डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से इसे सहारा मिला, जो COMEX पर लगभग $4,777 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। चांदी में भी तेजी दिखी, जो 10 अप्रैल 2026 को $75.83 प्रति ट्रॉय औंस के करीब कारोबार कर रही थी, भले ही पिछले महीने इसमें 11.56% की गिरावट आई थी। US डॉलर इंडेक्स (DXY) गिरकर लगभग 98.85 पर आ गया, क्योंकि सुरक्षित संपत्तियों की मांग कम हुई और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ीं। DXY के पूर्वानुमान मिले-जुले हैं, कुछ इसे अप्रैल 2026 में 99.52 के करीब देख रहे हैं, जबकि अन्य साल के अंत तक इसके 90s के मध्य तक गिरने की भविष्यवाणी कर रहे हैं।
सेक्टर परफॉर्मेंस और चुनौतियां
सेक्टर के प्रदर्शन में, स्पेस और डिफेंस (Space & Defense) स्टॉक्स गुरुवार को 3% चढ़े, जो भू-राजनीतिक फोकस में संभावित बदलाव को दर्शाते हैं। वहीं, ट्रांसपोर्ट (Transport) सेक्टर 3.5% गिर गया। मौजूदा चुनौतियों के बावजूद, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाओं की स्थिर मांग के समर्थन से 2026 में ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स M&A (Mergers and Acquisitions) बाजार में तेजी की उम्मीद है।
भारत में निवेशक भावना में बिखराव
युद्धविराम की खबरों को बाजार का त्वरित समर्थन गंभीर आर्थिक कमजोरियों को नजरअंदाज करने का जोखिम पैदा करता है। अमेरिकी GDP में भारी गिरावट भू-राजनीतिक राहत की खबरों के बीच एक चेतावनी संकेत है, जो बाजार की भावना और आर्थिक वास्तविकता के बीच के अंतर को उजागर करता है। भारत में, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली जारी रही, अप्रैल 2026 के 8 तारीख तक यह ₹37,933.53 करोड़ तक पहुंच गई। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की खरीदारी के बावजूद विदेशी निवेशकों की यह लगातार सावधानी घरेलू बाजार की स्थिरता के लिए चुनौती पेश कर सकती है।
आगे का रास्ता अनिश्चित
आगे चलकर, बाजार की दिशा US-ईरान युद्धविराम के स्थायी प्रभाव और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। विश्लेषकों को उम्मीद है कि निवेशक भू-राजनीतिक राहत और धीमी हो रही वैश्विक वृद्धि के बीच संतुलन बनाएंगे, जिससे अस्थिरता बनी रहेगी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की आगामी बैठक मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) के संकेतों के लिए महत्वपूर्ण होगी, जो मुद्रा और कमोडिटी बाजारों को प्रभावित कर सकती है। भारत में, FII आउटफ्लो और DII इनफ्लो का आपसी तालमेल अल्पकालिक प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगा, जबकि स्पेस और डिफेंस और ट्रांसपोर्ट जैसे क्षेत्रों के रुझान निवेश संबंधी अंतर्दृष्टि प्रदान करते रहेंगे।