मार्केट सपाट, पर SWREL के शेयर रॉकेट बने
सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजार में ज़्यादातर गिरावट या बढ़त नहीं दिखी। Sensex और Nifty सपाट (flat) रहे, क्योंकि निवेशक ग्लोबल अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच सतर्क थे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव ने मार्केट में वोलेटिलिटी (volatility) बढ़ा दी थी, India VIX 10% से ज्यादा बढ़कर 19.01 पर पहुंच गया।
नए ऑर्डर्स से SWREL में उछाल
इस मिले-जुले माहौल में Sterling and Wilson Renewable Energy (SWREL) ने सबका ध्यान खींचा। कंपनी के शेयर 12% से ज्यादा बढ़कर ₹217.85 तक पहुंच गए। दरअसल, SWREL को Coal India से 875 MW सोलर प्रोजेक्ट के लिए ₹3,490 करोड़ का EPC पैकेज मिला है। इसके अलावा, महाराष्ट्र में 50 MW AC का एक और प्रोजेक्ट भी हाथ लगा है। इन ऑर्डर्स के बाद SWREL के फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) के कुल ऑर्डर इनफ्लो ₹10,062 करोड़ के पार निकल गए हैं।
रिन्यूएबल सेक्टर दिखा मजबूती में
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर (renewable energy sector) इस समय काफी मजबूत दिख रहा है। पिछले एक हफ्ते में यह सेक्टर 8.5% चढ़ा है और पिछले साल में 23% बढ़ा है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि इस सेक्टर में सालाना 22% की कमाई ग्रोथ (earnings growth) देखी जा सकती है। सरकारी पहलों से सोलर मैन्युफैक्चरर्स और पावर जेनरेटरों के लिए अच्छे मौके बन रहे हैं।
SWREL की चुनौतियां और वैल्यूएशन
हालांकि, SWREL के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं। कंपनी अभी भी घाटे में चल रही है और इसका P/E रेश्यो नेगेटिव (-11.87x) है, जबकि Nifty 50 का P/E 21.38 है। मार्च 2026 में शेयर ₹148.30 के निचले स्तर पर था, पर हाल में आई तेजी से यह ₹348.90 के 52-हफ्ते के हाई से काफी नीचे है। पिछले पांच सालों में कंपनी की सेल्स ग्रोथ सिर्फ 2.48% रही है और पिछले तीन सालों में रिटर्न ऑन इक्विटी (return on equity) नेगेटिव -76.2% है। प्रमोटर्स ने अपनी 27.6% होल्डिंग गिरवी रखी है और पिछले तीन सालों में उनकी हिस्सेदारी 27.0% कम हुई है।
अन्य मार्केट खबरें
इसी बीच, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) द्वारा नए मार्केट कपलिंग फ्रेमवर्क के प्रस्ताव के बाद इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) के शेयर लगभग 7% गिर गए।
