South Korea Won: 15 साल में सबसे कमजोर! डॉलर के मुकाबले गिरी करेंसी, NPS ने संभाला मोर्चा

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AuthorAditya Rao|Published at:
South Korea Won: 15 साल में सबसे कमजोर! डॉलर के मुकाबले गिरी करेंसी, NPS ने संभाला मोर्चा
Overview

दक्षिण कोरियाई करेंसी (South Korean Won) में भारी गिरावट देखी जा रही है, जो डॉलर के मुकाबले पिछले **15** सालों के सबसे निचले स्तर **1,517** वॉन प्रति डॉलर के करीब पहुंच गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए, नेशनल पेंशन सर्विस (NPS) विदेशी मुद्रा बॉन्ड जारी करने और रणनीतिक हेजिंग (Strategic Hedging) जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।

डॉलर के मुकाबले वॉन की तूफानी गिरावट

दक्षिण कोरियाई वॉन (South Korean Won) में आई यह गिरावट चिंताजनक है। 24 मार्च 2026 को यह डॉलर के मुकाबले 1,517.3 पर आ गया, जो कि मार्च 2009 के बाद सबसे निचला स्तर है। पिछले एक महीने में करेंसी 3.76% कमजोर हुई है, और साल-दर-साल 2.60% की गिरावट आई है। NPS के चेयरमैन और CEO किम सुंग-जू का कहना है कि 1,500 वॉन प्रति डॉलर से ऊपर का स्तर टिकाऊ नहीं है और 1,400 के निचले स्तर अधिक उपयुक्त रहेंगे। करीब $1 ट्रिलियन की संपत्ति का प्रबंधन करने वाली NPS, विदेशी मुद्रा बाजार को स्थिर करने के लिए वित्तीय अधिकारियों के साथ मिलकर नए प्लान पर काम कर रही है।

क्यों गिरी करेंसी? वजहें हैं कई...

इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं:

  • ऊर्जा आयात का भारी खर्च: दक्षिण कोरिया अपनी 98% जीवाश्म ईंधन की जरूरतें आयात करता है। मध्य पूर्व में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतों में 50% का उछाल आया है, जिससे ब्रेंट क्रूड $93 प्रति बैरल के पार चला गया है। बढ़ती ऊर्जा लागत और कमजोर वॉन मिलकर आयात के खर्च को बढ़ा रहे हैं।
  • स्टैगफ्लेशन का डर: इन सब वजहों से देश में महंगाई और आर्थिक सुस्ती (Stagflation) का डर मंडरा रहा है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि 2026 तक वॉन 1,516 तक गिर सकता है।
  • AI चिप सेक्टर में प्रतिस्पर्धा: दक्षिण कोरिया AI चिप्स, खासकर मेमोरी चिप्स में लीडर है, लेकिन चीन जैसी कंपनियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिससे निर्यात की प्रतिस्पर्धा बढ़ी है।

NPS का प्लान: बॉन्ड और हेजिंग से वॉन को मिलेगा सहारा?

NPS अब करेंसी की स्थिरता में बड़ी भूमिका निभाने वाला है। फंड अपनी 'स्ट्रेटेजिक फॉरेन एक्सचेंज हेजिंग' (Strategic Foreign Exchange Hedging) का इस्तेमाल करेगा। इसका मतलब है कि बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ाकर और वॉन की मांग बढ़ाकर करेंसी को स्थिर किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह हेजिंग 1,480 वॉन प्रति डॉलर के स्तर पर ट्रिगर हो सकती है।

इसके अलावा, नेशनल पेंशन एक्ट में संशोधन के बाद NPS विदेशी मुद्रा बॉन्ड (Foreign Currency Bonds) जारी करने में सक्षम होगा। यह कदम फंड की फंडिंग को डाइवर्सिफाई करेगा और स्पॉट मार्केट में डॉलर की मांग को कम करेगा, जिससे वॉन को मजबूती मिलेगी। मॉर्गन स्टैनली (Morgan Stanley) का मानना है कि यह 2026 में कोरियन वॉन के लिए एक 'गेम चेंजर' साबित हो सकता है।

आगे की राह

हालांकि, दक्षिण कोरिया के सामने ऊर्जा आयात पर निर्भरता और AI चिप्स में बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। 2026 में GDP ग्रोथ 1.8% रहने का अनुमान है, और वॉन-डॉलर एक्सचेंज रेट 1,516 के आसपास रहने की आशंका है।

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