साउथ कोरिया के AI-शेयरों में जुलाई में **19%** की भारी गिरावट आई क्योंकि निवेशकों ने अपना पैसा सिंगापुर और ब्राजील जैसे दूसरे क्षेत्रों की ओर मोड़ दिया। वहीं, घरेलू बाजार की सुस्ती और रुपये में गिरावट के कारण भारत-केंद्रित ETF अपने ग्लोबल साथियों से पिछड़ गए। निवेशक AI-चिप ट्रेड्स से हटकर बायोटेक्नोलॉजी, जीनोमिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे थीम की ओर बढ़ रहे हैं।
Detailed Coverage
ग्लोबल मार्केट में बड़ा फेरबदल: AI का क्रेज घटा, फंडों का हुआ रोटेशन
साल 2026 के जुलाई महीने में ग्लोबल इक्विटी मार्केट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। साउथ कोरिया के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर शेयरों में चल रही तूफानी तेजी थम गई। iShares MSCI South Korea ETF में जुलाई के दौरान 19% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, लंबी अवधि के हिसाब से देखें तो इस ETF ने अभी भी शानदार रिटर्न दिया है, जिसमें साल-दर-तारीख (Year-to-date) 77% और पिछले बारह महीनों में 140% का इजाफा हुआ है।
सिंगापुर और ब्राजील की ओर दौड़े निवेशक
AI-चिप ट्रेड से मुनाफावसूली (Profit Booking) के बाद, निवेशकों ने अपना पैसा दूसरे मार्केट्स की ओर लगाना शुरू कर दिया। सिंगापुर और ब्राजील इस फंड रोटेशन का बड़ा फायदा उठाने वाले देश बनकर उभरे। iShares MSCI Singapore ETF ने जुलाई में 11% का रिटर्न दिया, जिससे इसका साल-दर-तारीख रिटर्न 19% तक पहुंच गया। वहीं, iShares MSCI Brazil Capped ETF में 4% का मंथली इजाफा देखा गया, जो पिछले एक साल में 36% का रिटर्न दे चुका है। यह दिखाता है कि ग्लोबल निवेशक अब चुनिंदा बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं, जहां अलग-अलग ग्रोथ ड्राइवर्स मौजूद हैं।
भारत के ETF पर दबाव बरकरार
इस बीच, भारत-केंद्रित निवेश फंड (India-focused ETFs) ग्लोबल ट्रेंड्स के साथ तालमेल बिठाने में संघर्ष करते दिखे। MSCI India ETF जुलाई के महीने में 1.5% गिर गया। यह गिरावट घरेलू बाजार की सुस्ती और प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी का नतीजा है। साल-दर-तारीख के आंकड़ों के अनुसार, MSCI India ETF में 10% की गिरावट आई है, और पिछले एक साल में यह 12% नीचे गया है। यहां तक कि स्मॉल-कैप सेगमेंट में भी MSCI India Small Cap ETF जुलाई में केवल 1.7% का मामूली उछाल ही दर्ज कर पाया।
AI से आगे, नए थीम की तलाश
बाजार के जानकारों का मानना है कि AI का थीम अब ओवर-क्राउडेड (Overcrowded) हो गया है। ऐसे में निवेशक अब बायोटेक्नोलॉजी और जीनोमिक्स जैसे सेक्टर्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिन्होंने जुलाई में क्रमशः 16.2% और 21.1% का शानदार रिटर्न दिया। साइबर सुरक्षा और इंश्योरेंस सेक्टर्स में भी तेजी देखने को मिली है।
सेमीकंडक्टर सेक्टर के भीतर भी एक बड़ा अंतर देखा गया। जहां साउथ कोरियाई AI-लिंक्ड शेयरों पर दबाव था, वहीं चाइनीज सेमीकंडक्टर कंपनियों को ट्रैक करने वाला Harvest SSE STAR Chip Index ETF जुलाई में अपने साथियों से बेहतर प्रदर्शन किया। विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में फार्मास्यूटिकल एडवांस्डमेंट्स, हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी और चीन के बाजार के कुछ खास हिस्सों में निवेश की संभावनाएं बन सकती हैं। निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जीनोमिक्स और फार्मा जैसे सेक्टर्स में यह तेजी कितनी टिकाऊ साबित होती है या फिर ग्लोबल मार्केट की अस्थिरता का असर इन पर भी पड़ता है।
