शेयर बाजार में तेजी! FIIs ने लगाए ₹2,982 करोड़, Sensex 274 अंक चढ़ा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
शेयर बाजार में तेजी! FIIs ने लगाए ₹2,982 करोड़, Sensex 274 अंक चढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को अच्छी रिकवरी देखने को मिली। BSE Sensex **0.35%** चढ़कर **77,928** पर बंद हुआ, वहीं Nifty में **0.28%** की बढ़त के साथ **24,317** का स्तर दर्ज किया गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की जोरदार खरीदारी और बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई तेजी ने बाजार को संभाला, हालांकि कच्चे तेल की कीमतों और ब्याज दरों को लेकर वैश्विक चिंताएं बनी रहीं।

विदेशी निवेशकों की मेहरबानी

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूती का मुख्य कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ताबड़तोड़ खरीदारी रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, FIIs ने भारतीय इक्विटी बाजार में लगभग ₹2,981.87 करोड़ का निवेश किया। इस पैसे के आने से बाजार को अंतरराष्ट्रीय दबावों से निपटने में मदद मिली, जिसमें मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई अस्थिरता शामिल है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $91.15 प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।

इन शेयरों ने खींचा ध्यान

बाजार में प्रमुख कंपनियों के शेयरों ने दिन की बढ़त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Sensex को ऊपर ले जाने वाले शेयरों में Maruti Suzuki, Mahindra & Mahindra, Reliance Industries, HDFC Bank और State Bank of India शामिल थे। हालांकि, Adani Ports, InterGlobe Aviation, Bajaj Finserv और Bharat Electronics जैसे कुछ शेयरों में बिकवाली का दबाव भी देखा गया।

सेक्टर का प्रदर्शन और आगे का अनुमान

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो सेक्टर 1.58% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, जिसे सकारात्मक बाजार सेंटिमेंट का फायदा मिला। एनर्जी, ऑयल एंड गैस और बैंकिंग शेयरों में भी ठीक-ठाक तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर, रियलटी सेक्टर में 2.10% की गिरावट आई, और इसी के साथ सर्विसेज और इंश्योरेंस सेक्टर भी दबाव में दिखे।

हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था, लेकिन महंगाई पर उनका सख्त रुख निवेशकों को सतर्क कर रहा है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी उभरते बाजारों के लिए एक संभावित चुनौती है। लेकिन, स्थिर रुपया और FY27 की पहली तिमाही के लिए नतीजों की शुरुआत अच्छी रहने जैसे घरेलू कारक बाजार के लिए सहारा बने हुए हैं। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये घरेलू मजबूती वैश्विक अनिश्चितताओं, खासकर कॉर्पोरेट प्रॉफिट मार्जिन और FIIs के निवेश प्रवाह की निरंतरता के मुकाबले कैसे खड़ी होती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.