भारतीय शेयर बाज़ार में आज, 16 जुलाई को अच्छी शुरुआत हुई है। BSE Sensex और NSE Nifty दोनों हरे निशान में खुले हैं। IT सेक्टर के शेयरों में मजबूती और अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़ों में नरमी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
बाजार में आई तेजी, IT सेक्टर का कमाल
आज शेयर बाज़ार में शुरुआती कारोबार में पॉजिटिव संकेत देखने को मिले। BSE Sensex 185.77 अंकों की बढ़त के साथ 77,400.40 पर कारोबार कर रहा है, वहीं NSE Nifty 42.15 अंक चढ़कर 24,132.60 पर पहुंच गया है। इस तेजी की मुख्य वजहें ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेत और भारतीय IT कंपनियों के शेयरों में दिखी खरीदारी है।
अमेरिकी महंगाई और ब्याज दरों पर नरमी की उम्मीद
हाल ही में अमेरिका से आए थोक महंगाई (Wholesale Inflation) के आंकड़े उम्मीद से कम रहे हैं। इससे बाज़ार में यह उम्मीद जगी है कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक, फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve), अपनी ब्याज दरों (Interest Rates) में नरमी ला सकता है। ऐसी खबरें इमर्जिंग मार्केट्स, खासकर भारत जैसे देशों के लिए अच्छी मानी जाती हैं, क्योंकि इससे ग्लोबल लिक्विडिटी (Global Liquidity) की स्थिति बेहतर होती है।
IT और ऑटो सेक्टर में खरीदारी
सुबह के कारोबार में टेक्नोलॉजी यानी IT शेयरों ने बाज़ार को सबसे ज़्यादा सहारा दिया। HCL Technologies, Tech Mahindra और Infosys जैसे बड़े IT स्टॉक्स में अच्छी खरीदारी देखी गई। IT के अलावा, Bajaj Finance, Mahindra & Mahindra और Maruti जैसी फाइनेंशियल सर्विसेज और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भी तेजी रही। हालांकि, Axis Bank, Bajaj Finserv और Bharat Electronics जैसे कुछ शेयर बिकवाली के दबाव में थे।
ग्लोबल मार्केट का मिला-जुला असर
भारतीय बाज़ारों में मजबूती के बावजूद, ग्लोबल मार्केट्स का रुख मिला-जुला रहा। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला, जहां दक्षिण कोरिया का Kospi गिरा, वहीं जापान और चीन के बाजार भी नीचे थे। हालांकि, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स (Hang Seng Index) ऊपर चढ़ता दिखा। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में थोड़ी नरमी आई और ब्रेंट क्रूड $84.69 प्रति बैरल पर आ गया।
FIIs की बिकवाली और Q1 नतीजों का इंतज़ार
हाल के दिनों में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) भारतीय शेयरों को लेकर थोड़ा सतर्क दिखे हैं, जिन्होंने पिछले सत्र में ₹735.83 करोड़ की बिकवाली की थी। अब बाज़ार का फोकस Q1 के नतीजों (Q1 Earnings) पर शिफ्ट हो रहा है। निवेशक अब ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक्स (Global Macroeconomics) के बजाय कंपनियों के प्रदर्शन, मार्जिन और मैनेजमेंट के आउटलुक पर ज़्यादा ध्यान देंगे।
आने वाले हफ्तों में कॉरपोरेट रिजल्ट्स की क्वालिटी पर सबकी नज़र रहेगी। IT सेक्टर फिलहाल ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद से चमक रहा है, लेकिन असली परीक्षा नतीजों के बाद ही होगी। यह देखना ज़रूरी होगा कि क्या ये स्टॉक्स प्राइसिंग प्रेशर (Pricing Pressure) या क्लाइंट्स के खर्च पैटर्न में बदलाव जैसी चुनौतियों के बावजूद अपनी तेजी बनाए रख पाते हैं या नहीं।
