भारतीय शेयर बाज़ारों ने बुधवार को मामूली बढ़त के साथ कारोबार का अंत किया। निवेशकों ने ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच मुनाफावसूली (Profit Booking) की, जिससे शुरुआती बढ़त कम हो गई। हालांकि, Nifty Smallcap जैसे ब्रॉडर मार्केट इंडेक्स **1.13%** की मजबूती के साथ टिके रहे।
क्यों आई बाज़ार में नरमी?
शुरुआत में, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों में नरमी से बाज़ार को सहारा मिला था, जिससे ग्लोबल रिस्क एपेटाइट (Risk Appetite) को बढ़ावा मिला। लेकिन, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनावों के चलते निवेशकों की चिंताएं बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड $85.38 प्रति बैरल के पार जाने से एनर्जी कॉस्ट (Energy Cost) को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी वजह से सेशन के दूसरे हिस्से में मुनाफावसूली देखी गई।
रुपये पर भी दबाव
कॉर्पोरेट सेक्टर की डॉलर मांग के चलते विदेशी पोर्टफोलियो इनफ्लो (Foreign Portfolio Inflows) के बावजूद भारतीय रुपया भी थोड़ा कमजोर हुआ और 82.56 प्रति अमेरिकी डॉलर पर बंद हुआ।
सेक्टर्स का प्रदर्शन
जहां बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव था, वहीं ब्रॉडर मार्केट में मजबूती दिखी। Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 1.13% चढ़कर सबसे आगे रहा, जबकि Nifty 500 में 0.65% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टरों में, केमिकल सेक्टर 1.65% की बढ़ोतरी के साथ रिकवरी में सबसे आगे रहा। बैंकिंग शेयरों में भी सकारात्मक चाल दिखी, Nifty PSU Bank और Nifty Financial Services क्रमशः 1.33% और 1.17% चढ़े। इसके विपरीत, आईटी सेक्टर पिछड़ गया, Nifty IT इंडेक्स 0.64% गिरा। FMCG, मेटल और मीडिया सेक्टर्स भी गिरावट में रहे।
प्रमुख स्टॉक्स में हलचल
सेंसेक्स में, अल्ट्राटेक सीमेंट 2.96% की बढ़त के साथ प्रमुख गेनर्स में शामिल रहा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बजाज फाइनेंस जैसे फाइनेंशियल स्टॉक्स ने भी इंडेक्स को सहारा दिया। दूसरी ओर, पावर ग्रिड 1.73% की गिरावट के साथ बिकवाली के दबाव में दिखा, जबकि लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और टाटा स्टील भी लाल निशान में बंद हुए। चीन के कमजोर आर्थिक आंकड़ों के कारण मेटल स्टॉक्स पर भी दबाव देखा गया।
आगे क्या?
आगे चलकर बाज़ार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों की स्थिरता और पहली तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों पर निर्भर करेगी। हालांकि, टेक्सटाइल और इंडस्ट्रियल्स जैसे सेक्टर्स को कुछ स्थानीय सहारा मिला है, लेकिन बाज़ार इंडिया VIX (India VIX) में 13.07 के स्तर पर चल रही अस्थिरता के प्रति संवेदनशील बना हुआ है।
