शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों में **1%** से ज़्यादा की तेज़ी देखी गई। हफ्ते के दौरान हुए नुकसान की भरपाई करते हुए, TCS और Indian Bank के दमदार नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी व घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने PSU बैंक और IT स्टॉक्स को सहारा दिया।
IT और PSU बैंकों में खरीदारी की बहार
सप्ताह के आखिर में भारतीय शेयर बाजारों ने शानदार क्लोजिंग की। बेंचमार्क इंडेक्स लगातार दूसरे दिन बढ़त दर्ज करते हुए बंद हुए। Sensex 827.57 अंक चढ़कर 77,569.39 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 244.10 अंक की तेज़ी के साथ 24,206.90 पर क्लोज हुआ। इस तेज़ी ने निवेशकों को इस हफ्ते हुए नुकसान की काफी हद तक भरपाई करने में मदद की। BSE का कुल मार्केट कैप (Market Capitalization) ₹5.80 लाख करोड़ बढ़कर ₹481.75 लाख करोड़ तक पहुँच गया।
यह तेज़ी मुख्य रूप से Tata Consultancy Services (TCS) और Indian Bank जैसी बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर आई पॉजिटिव प्रतिक्रिया के कारण आई। इन कंपनियों की मजबूत परफॉरमेंस रिपोर्ट्स ने उनके संबंधित सेक्टर्स को बूस्ट दिया। Nifty PSU Bank इंडेक्स 3.03% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, जबकि Nifty IT इंडेक्स 1.96% चढ़ा। BSE पर करीब 2,883 स्टॉक्स में तेज़ी देखी गई, जो गिरावट वाले 1,377 स्टॉक्स से कहीं ज़्यादा थे।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और घटी वोलैटिलिटी
बाजार को स्थिर करने में बाहरी फैक्टर्स ने भी अहम भूमिका निभाई। ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें घटकर लगभग $75 प्रति बैरल पर आ गईं, जो हफ्ते की शुरुआत में $79 के स्तर पर थीं। भारत, जो अपनी ज़रूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है, के लिए कम क्रूड प्राइसेस महंगाई और इंपोर्ट बिल को लेकर चिंताएं कम करती हैं। इसके अलावा, मार्केट वोलैटिलिटी (Volatility) को मापने वाला India VIX 8.33% गिरकर 12.25 पर आ गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि पिछले कुछ सत्रों की तुलना में निवेशक ज़्यादा कॉन्फिडेंट महसूस कर रहे हैं।
इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की भागीदारी
बाजार की इस चाल को दोनों तरह के इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (Institutional Investors) के लगातार इंटरेस्ट का समर्थन मिला। प्रोविज़नल डेटा के अनुसार, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) ने ₹2,603.72 करोड़ के शेयर खरीदे, वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने ₹2,019.68 करोड़ का निवेश किया। Reliance Industries ने बेंचमार्क को सहारा देने में अहम भूमिका निभाई, जो Sensex की कुल बढ़त का लगभग पांचवां हिस्सा रहा। वहीं ICICI Bank, HDFC Bank, Axis Bank और Larsen & Toubro जैसे बड़े स्टॉक्स ने भी अच्छी मोमेंटम दी।
हालांकि, शुक्रवार की तेज़ी के बावजूद, इंडेक्स इस हफ्ते 0.25% के मामूली नुकसान के साथ बंद हुए, जिससे लगातार चार हफ्तों की बढ़त का सिलसिला टूट गया। आगे चलकर, निवेशक ट्रैक करेंगे कि अन्य बड़ी कंपनियों की कमाई की रिपोर्ट्स सेक्टर-स्पेसिफिक वैल्यूएशन्स को कैसे प्रभावित करती हैं। निवेशक इस बात पर भी नज़र रखेंगे कि कच्चे तेल के मौजूदा ट्रेंड और जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट (Geopolitical Developments) अगले हफ्ते के लिए बाज़ारों को स्थिर आधार प्रदान करते हैं या नहीं।
