भारतीय शेयर बाजारों ने गुरुवार को शानदार रिकवरी दिखाई। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ही **1.07%** चढ़े। Sensex ने दिन के कारोबार में **77,326.65** का लेवल छुआ, जो **823** अंकों की बढ़त दिखाता है। इसी के साथ Nifty 50 ने **24,100** का आंकड़ा भी पार कर लिया।
क्यों लौटी बाजार में रौनक?
बुधवार को भू-राजनीतिक तनाव के चलते आई बड़ी गिरावट के बाद, गुरुवार को बाजार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की ताबड़तोड़ खरीदारी और वैल्यू बाइंग (Value Buying) देखने को मिली।
FIIs का बढ़ता भरोसा
एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने बुधवार को कैश मार्केट में ₹1,962.80 करोड़ का निवेश किया। यह लगातार चौथी बार है जब FIIs ने खरीदारी की है, जिससे पिछले चार दिनों में उनका कुल निवेश लगभग ₹3,954 करोड़ हो गया है। इसने बाजार को बड़ी गिरावट से संभालने में मदद की।
सेक्टरों में खरीदारी और बाजार की चौड़ाई
बाजार में खरीदारी ब्रॉड-बेस्ड (Broad-based) रही। Nifty Realty इंडेक्स 2.3% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। वहीं, FMCG, PSU Bank और Consumer Durables जैसे सेक्टरों में भी 1% से ज़्यादा की तेजी देखी गई। बड़े और मिडकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई, Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 इंडेक्स क्रमशः 1.25% और 1.52% चढ़े। कुल 2,492 शेयरों में बढ़त और सिर्फ 599 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
क्रूड ऑयल की कीमतें और बाजार की वोलेटिलिटी
निवेशक क्रूड ऑयल की कीमतों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह भारत के इंपोर्ट बिल और महंगाई को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) करीब $78.80 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा था। हालांकि, हालिया तनाव के बावजूद, फ्यूचर्स मार्केट संकेत दे रहा है कि बड़े सप्लाई डिसरप्शन की संभावना कम है। India VIX (वोलेटिलिटी इंडेक्स) में 10% की गिरावट आई और यह 13.27 पर आ गया, जिससे बाजार की घबराहट कम हुई।
लार्ज-कैप शेयरों का जलवा
गुरुवार की तेजी में लार्ज-कैप कंपनियों का अहम योगदान रहा। भारती एयरटेल (Bharti Airtel) 3.3% चढ़कर Sensex में टॉप गेनर रहा। वहीं, सन फार्मा (Sun Pharma), बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserv) और इंडिगो (IndiGo) में 2% से ज़्यादा की तेजी देखी गई। HDFC Bank और Reliance Industries जैसे हैवीवेट्स ने भी लगभग 1% का योगदान दिया। यह सेशन Sensex डेरिवेटिव्स की वीकली एक्सपायरी (Weekly Expiry) का भी था, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम में इजाफा हुआ।
आगे बाजार की चाल ग्लोबल एनर्जी कीमतों की स्थिरता और फॉरेन फंड फ्लो पर निर्भर करेगी।
