भारतीय शेयर बाज़ारों ने 5 दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। 27 जुलाई को डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने **₹2,329 करोड़** के शेयर खरीदे। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजों के चलते Sensex **1.02%** चढ़कर **76,835.78** पर बंद हुआ।
Detailed Coverage
डोमेस्टिक बाइंग vs फॉरेन आउटफ्लो
27 जुलाई को भारतीय शेयर बाज़ार में रिकवरी देखने को मिली, जिसने पिछले 5 दिनों की गिरावट पर ब्रेक लगाया। BSE Sensex 776.01 अंक की बढ़त के साथ 76,835.78 पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 भी 228.50 अंक ऊपर 23,995.95 पर क्लोज हुआ।
इस रिकवरी की खास बात यह रही कि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने बाज़ार को संभाला। सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, DIIs ने ₹2,329 करोड़ के शेयर खरीदे। इस खरीदारी ने फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की बिकवाली के दबाव को कम किया, जिन्होंने ₹1,688 करोड़ के शेयर बेचे। यह दिखाता है कि साल भर से DIIs बाज़ार में एक्टिव हैं, जिन्होंने अब तक ₹4.88 लाख करोड़ के शेयर खरीदे हैं, जबकि FIIs ने ₹3.51 लाख करोड़ की बिकवाली की है।
सेक्टरों में तेजी और मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर
बाज़ार में चौतरफा खरीदारी देखी गई। Nifty Media इंडेक्स 2.4% के उछाल के साथ टॉप पर रहा, इसके बाद IT सेक्टर 2.3% बढ़ा। रियल्टी, ऑटो और फार्मा सेक्टर में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई।
बाज़ार की इस तेजी के पीछे कई वजहें रहीं। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने भारत जैसी एनर्जी इम्पोर्ट करने वाली अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत दी। इसके अलावा, कंपनियों के नतीजे आने का दौर (Earnings Season) भी चल रहा है, जिसमें कई कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर परफॉरमेंस दिखाई है, जिसने स्टॉक की कीमतों को सहारा दिया।
टेक्निकल लेवल पर क्या है खास?
टेक्निकल तौर पर देखें तो Nifty 50 ने 23,600 के स्तर को सपोर्ट के तौर पर बनाए रखा है। अब बाज़ार की नज़र 24,000 से 24,150 के रेजिस्टेंस लेवल पर है। यह रेंज इसलिए भी अहम है क्योंकि यह 20-दिन और 100-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के करीब है। यह देखना होगा कि क्या इंडेक्स इस लेवल को पार कर पाता है, जिससे 24,400 तक का रास्ता खुल सकता है। वहीं, अगर बाज़ार में अनिश्चितता बनी रहती है, तो 23,600 से 23,800 का ज़ोन महत्वपूर्ण सपोर्ट का काम करेगा।
