भारतीय शेयर बाज़ारों ने गुरुवार को शानदार वापसी की। BSE Sensex **579** अंक चढ़कर बंद हुआ, वहीं Nifty 50 का आंकड़ा **24,150** के पार निकल गया। IT और ऑयल शेयरों में ज़ोरदार खरीदारी ने बाज़ार को संभाला, जबकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की मजबूत खरीद ने बाज़ार को सहारा दिया।
बाज़ार में क्यों लौटी रौनक?
गुरुवार को भारतीय शेयर बाज़ारों में ज़बरदस्त रिकवरी देखने को मिली। BSE Sensex 579 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, और Nifty 50 ने 24,150 का अहम स्तर पार कर लिया। इस तेजी के पीछे IT सेक्टर और डाउनस्ट्रीम ऑयल कंपनियों के शेयरों में हुई ज़ोरदार खरीदारी रही, जिसने बाज़ार में पॉजिटिव सेंटीमेंट को बढ़ावा दिया। अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों (US jobs data) से ब्याज दरों में बड़ी बढ़ोतरी की चिंताएं कम हुईं, जिसने भारतीय इक्विटी बाज़ारों को और सहारा दिया।
DIIs और FIIs की जंग
मौजूदा बाज़ार में एक अहम ट्रेंड विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों के उलट रवैये का रहा है। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) लगातार चौथी बार बिकवाली करते नज़र आए, और उन्होंने ₹311.82 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने बाज़ार के असली 'हीरो' बनकर ₹1,784.40 करोड़ का निवेश किया। घरेलू फंड्स का यह लगातार सपोर्ट विदेशी बिकवाली के दौर में बाज़ार को बड़ी गिरावट से बचाने में अहम साबित हुआ है।
Rupee पर दबाव
जहां इक्विटी बाज़ार में मजबूती दिखी, वहीं करेंसी बाज़ार थोड़ा दबाव में रहा। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे कमजोर होकर 95.34 पर बंद हुआ। हालांकि कच्चे तेल की गिरती कीमतें आम तौर पर रुपये के लिए अच्छी होती हैं, लेकिन कॉर्पोरेट हेजर्स और इम्पोर्टर्स की डॉलर की मजबूत मांग के कारण रुपया कमजोर हुआ। निवेशकों के लिए, रुपये की चाल एक अहम फैक्टर बनी रहेगी, क्योंकि इसकी कमजोरी इम्पोर्ट कॉस्ट और महंगाई की उम्मीदों को प्रभावित कर सकती है।
इन कंपनियों पर रहेगी नज़र
बाज़ार की निगाहें अब कुछ खास कॉर्पोरेट डेवलपमेंट पर भी टिकी हैं। Adani Enterprises ₹10,000 करोड़ के Qualified Institutional Placement (QIP) के लॉन्च को लेकर चर्चा में है। इसके अलावा, Punjab National Bank (PNB) ने अपने ग्लोबल बिज़नेस में साल-दर-साल 10.32% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जिसके नतीजों का निवेशक बैंकिंग सेक्टर की सेहत का अंदाज़ा लगाने के लिए विश्लेषण कर रहे हैं। Marico के शेयर पर भी बाज़ार की खास नज़र रहेगी।
आगे क्या देखें?
Nifty के हालिया बढ़त को बनाए रखने और 24,200 के स्तर को छूने की कोशिश के बीच, इस रैली की मजबूती कई फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। निवेशकों को DIIs के लगातार निवेश पर नज़र रखनी चाहिए कि क्या वे विदेशी बिकवाली के बावजूद बाज़ार को सहारा दे पाते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों जैसे ग्लोबल मैक्रोइकोनॉमिक संकेतों और घरेलू कॉर्पोरेट नतीजों के बीच तालमेल अहम रहेगा। डॉलर के मुकाबले Rupee की अस्थिरता और सरकारी नीतियों पर आने वाले अपडेट्स पर भी निवेशकों की पैनी नज़र रहेगी।
