भारतीय शेयर बाजारों में बुधवार को अच्छी रिकवरी देखने को मिली। BSE सेंसेक्स **553** अंक चढ़कर **77,603** पर बंद हुआ, वहीं NSE निफ्टी **148** अंकों की बढ़त के साथ **24,198** पर पहुंच गया। यह तेजी मंगलवार को बैंकिंग शेयरों में आई बड़ी गिरावट और ग्लोबल इंफ्लेशन की चिंताओं के बाद आई है।
बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स-निफ्टी में रिकवरी
मंगलवार को बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली और वैश्विक महंगाई की चिंताओं के चलते गिरे भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को वापसी की। BSE सेंसेक्स 553.37 अंकों की छलांग लगाकर 77,603.57 पर बंद हुआ। वहीं, NSE निफ्टी 50 में 148.15 अंकों का इजाफा हुआ और यह 24,198.40 के स्तर पर पहुंच गया।
बैंकिंग शेयरों की वापसी, IT पर दबाव
मंगलवार को बैंकिंग शेयरों में आई भारी गिरावट ने मार्केट को नीचे खींचा था। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की मंशा बदल दी थी। हालांकि, बुधवार को बाजार की रिकवरी में Bajaj Finance, Axis Bank और State Bank of India जैसे शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर, Infosys, Tata Consultancy Services और Tech Mahindra जैसे IT सेक्टर के शेयरों पर सुबह के कारोबार में दबाव बना रहा।
ग्लोबल फैक्टर्स और रुपये का हाल
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। South Korea का Kospi मजबूत हुआ, जबकि Japan का Nikkei और Hong Kong का Hang Seng हरे निशान में थे। वहीं, Shanghai SSE Composite में गिरावट आई।
भारतीय रुपये में 5 पैसे की मजबूती आई और यह 96.11 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। डॉलर इंडेक्स में थोड़ी कमजोरी के चलते रुपये को सहारा मिला। कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता भी निवेशकों पर नजर रख रही है। Brent क्रूड 0.78% बढ़कर $85.39 प्रति बैरल और WTI क्रूड 0.49% बढ़कर $79.73 पर पहुंच गया। ये कीमतें भारत के इंपोर्ट बिल और महंगाई के अनुमानों को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं।
आगे क्या?
बाजार की अगली दिशा बैंकिंग शेयरों की रिकवरी की रफ्तार और अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर सेंटिमेंट पर निर्भर करेगी। निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) के फ्लो पर भी नजर रखेंगे, जो अक्सर डॉलर इंडेक्स और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट पर तेजी से प्रतिक्रिया करते हैं। यह देखना अहम होगा कि क्या यह तेजी पिछले ट्रेंड्स की वापसी का संकेत है या निकट भविष्य में अस्थिरता बनी रहेगी।
