सेंसेक्स 10 हफ़्ते की ऊंचाई पर, HDFC Bank के दमदार नतीजों से 3.6% उछला

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AuthorNeha Patil|Published at:
सेंसेक्स 10 हफ़्ते की ऊंचाई पर, HDFC Bank के दमदार नतीजों से 3.6% उछला

भारतीय शेयर बाज़ारों ने सोमवार को 10 हफ़्ते की सबसे बड़ी ऊंचाई दर्ज की। HDFC Bank के पहली तिमाही के मजबूत बिज़नेस अपडेट और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाज़ार को सहारा दिया। सेंसेक्स **521** अंक और निफ्टी **160** अंक चढ़कर बंद हुए।

HDFC Bank का कमाल, बाज़ार में आई तेजी

सेंसेक्स 78,285 पर बंद हुआ, जो कि 0.7% की बढ़त दिखाता है। वहीं, निफ्टी 24,430 पर बंद हुआ, इसमें भी 0.7% की तेज़ी देखी गई। बाज़ार में आई इस तेज़ी का मुख्य श्रेय HDFC Bank को जाता है, जिसके शेयर 3.6% चढ़ गए। बैंक ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) के लिए अपने बिज़नेस अपडेट में 15.4% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) और 14.7% की बढ़ोतरी के साथ कुल डिपॉजिट्स (Deposits) का ऐलान किया। इस रिपोर्ट के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा।

कच्चे तेल में गिरावट और विदेशी निवेश

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी भारतीय बाज़ारों को सपोर्ट किया। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) $72.04 प्रति बैरल तक गिर गया। भारत जैसे देश के लिए, जो तेल का बड़ा आयातक है, कम तेल की कीमतें महंगाई को कंट्रोल करने और करंट अकाउंट डेफिसिट (Current Account Deficit) को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।

इसके अलावा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की तरफ से भारतीय इक्विटीज़ में खरीदारी लौट आई है। जुलाई के महीने में अब तक FPIs ने ₹2,985 करोड़ का निवेश किया है। यह पिछले साल के ₹2.7 लाख करोड़ के आउटफ्लो के बाद एक राहत भरी खबर है।

सेक्टर्स और बाज़ार की चौड़ाई

बाज़ार के मुख्य इंडेक्स में भले ही तेज़ी दिखी हो, लेकिन ब्रॉडर मार्केट (Broader Market) यानी छोटे और मझोले स्टॉक्स में थोड़ी नरमी रही। ज़्यादातर व्यक्तिगत स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई, जो बताता है कि यह तेज़ी बड़े स्टॉक्स पर ज़्यादा केंद्रित थी। सेक्टर की बात करें तो, निफ्टी रियलिटी इंडेक्स (Nifty Realty Index) 1.8% चढ़कर सबसे आगे रहा। ऑटोमोबाइल (Automobiles) और ऑयल एंड गैस (Oil & Gas) सेक्टर भी अच्छी तिमाही नतीजों की उम्मीदों के चलते बढ़े।

निवेशकों को अब आने वाले अर्निंग सीज़न (Earnings Season) का इंतज़ार रहेगा। यह देखना अहम होगा कि HDFC Bank जैसे बैंकों के शुरुआती आंकड़े उनके असल मुनाफे में कैसे तब्दील होते हैं। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों का रुख और विदेशी निवेश का फ्लो बाज़ार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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