31 जुलाई की डेडलाइन: कहीं चूक न जाएं!
सैलरीड कर्मचारियों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की 31 जुलाई, 2026 की तारीख तेजी से नजदीक आ रही है। बहुत से लोग यह मानते हैं कि उनके नियोक्ता (Employer) द्वारा जारी किया गया Form 16 ही टैक्स फाइलिंग के लिए पूरी जानकारी देता है। लेकिन, टैक्स विशेषज्ञों की मानें तो यह एक सीमित सोच है।
Form 16 केवल आपके वित्तीय लेन-देन (Financial Transactions) का एक आंशिक (Partial) हिस्सा दिखाता है, जिसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रिपोर्ट किया गया है।
AIS और Form 26AS का अहम रोल
Annual Information Statement (AIS) और Form 26AS ऐसे ज़रूरी दस्तावेज़ हैं जो आपके सभी वित्तीय लेन-देन का एक व्यापक रिकॉर्ड (Comprehensive Record) रखते हैं। इनमें आपकी सैलरी, ब्याज से आय (Interest Income), डिविडेंड, कैपिटल मार्केट में किए गए ट्रेड और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रिपोर्ट की गई अन्य सभी वित्तीय गतिविधियां शामिल होती हैं।
यह जानकारी नियोक्ता, बैंकों, ब्रोकर्स और अन्य वित्तीय संस्थानों से आती है। अगर इन आधिकारिक रिकॉर्ड्स और आपके ITR में जमा की गई जानकारी के बीच कोई भी गड़बड़ी (Discrepancy) पाई जाती है, तो आपको बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
संभावित गलतियों से कैसे बचें?
वित्तीय जानकारी में अंतर होने पर टैक्स रिफंड (Tax Refund) में देरी, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से ज़्यादा जांच या सीधे टैक्स नोटिस आ सकते हैं। छोटी-छोटी गलतियां, जैसे कि सेविंग्स अकाउंट पर मिले ब्याज का AIS में दर्ज न होना या कैपिटल गेन्स (Capital Gains) का केवल ग्रॉस सेल वैल्यू पर AIS में दिखना, भी परेशानी खड़ी कर सकती हैं।
टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स पोर्टल पर AIS में गलत एंट्रीज (Entries) के खिलाफ फीडबैक देकर या उन्हें फ्लैग (Flag) करके सुधार करवा सकते हैं, ताकि यह Taxpayer Information Summary (TIS) में सही हो जाए।
Form 26AS: आपकी टैक्स पासबुक
Form 26AS आपकी टैक्स पासबुक की तरह काम करता है। इसमें आपके पैन (PAN) के अगेंस्ट काटे गए सभी TDS (Tax Deducted at Source) का पूरा ब्यौरा होता है और यह कन्फर्म करता है कि यह पैसा सरकार के पास जमा हुआ है या नहीं।
यह आपके नियोक्ता द्वारा काटे गए TDS, सोर्स पर टैक्स कलेक्शन (Tax Collected at Source), सेल्फ-असेसमेंट टैक्स (Self-Assessment Tax) के भुगतान और मिले किसी भी रिफंड का स्पष्ट चित्र दिखाता है।
जल्दबाजी का खामियाजा
टैक्स प्रोफेशनल्स (Tax Professionals) का कहना है कि फाइलिंग में होने वाली ज़्यादातर गलतियां जल्दबाजी के कारण होती हैं। AIS और Form 26AS के साथ अपनी सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट और निवेश के रिकॉर्ड्स को ध्यान से मिलाने में थोड़ा अतिरिक्त समय लगाना, भविष्य की बड़ी परेशानियों से बचने का एक छोटा सा निवेश है। सवाल यह है कि क्या आपका ITR वास्तव में वही दर्शाता है जो टैक्स डिपार्टमेंट आपकी वित्तीय स्थिति के बारे में पहले से जानता है?