RBI की तरफ से Sovereign Gold Bond (SGB) 2020-21 Series-I के निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका आया है। इन बॉन्ड्स की मैच्योरिटी से पहले निकासी (early redemption) की सुविधा दी गई है। इस सुविधा का लाभ उठाने वाले निवेशकों को प्रति यूनिट ₹15,124 मिलेंगे। यह कीमत अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्तों में सोने की औसत कीमतों के आधार पर तय की गई है। इस तरह, जिन लोगों ने अप्रैल 2020 में इन बॉन्ड्स में निवेश किया था, उन्हें 230% तक का शानदार एब्सोल्यूट रिटर्न मिला है। यानी ₹1 लाख के निवेश पर करीब ₹3.30 लाख का फायदा हुआ है, और यह अर्जित ब्याज को छोड़कर है। बता दें कि यह बॉन्ड ऑनलाइन सब्सक्राइब करने वालों के लिए ₹4,589 प्रति ग्राम और ऑफलाइन वालों के लिए ₹4,639 प्रति ग्राम पर जारी किया गया था। इतने बड़े प्राइस एप्रिसिएशन का मुख्य कारण 2020 से 2026 की शुरुआत तक ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने की कीमतों में आई तेजी है।
जहां एक ओर यह जबरदस्त रिटर्न निवेशकों को खुश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर 1 अप्रैल 2026 से लागू हो रहे बजट 2026 के नए टैक्स नियम भविष्य के निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आए हैं। पहले SGB से मिलने वाले कैपिटल गेन्स पर ज्यादातर टैक्स छूट मिलती थी। लेकिन नए नियमों के तहत, टैक्स का हिसाब इस बात पर निर्भर करेगा कि बॉन्ड खरीदे कैसे गए और कब तक रखे गए। जो निवेशक मूल सब्सक्राइबर थे और पूरे 8 साल की मैच्योरिटी तक बॉन्ड अपने पास रखते हैं, उन्हें अभी भी कैपिटल गेन्स पर टैक्स में छूट मिलेगी। लेकिन, जिन निवेशकों ने ये SGBs सेकेंडरी मार्केट से खरीदे हैं, उन्हें मैच्योरिटी तक रखने या जल्दी निकालने, दोनों ही सूरत में कैपिटल गेन्स टैक्स देना होगा। इस बदलाव ने SGBs को कई निवेशकों के लिए, खासकर जो सेकेंडरी मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं या कम समय के लिए निवेश करते हैं, कम आकर्षक बना दिया है। हालांकि, सभी निवेशकों के लिए सालाना 2.5% का ब्याज आय अभी भी टैक्सेबल (taxable) रहेगी।
अप्रैल 2020 से अप्रैल 2026 के बीच सोने की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। यह तेजी कोविड-19 महामारी के आर्थिक झटकों, महंगाई की आशंकाओं, वैश्विक अस्थिरता और बदलती ब्याज दर नीतियों के कारण आई। 2020-2025 के दौरान, सोने ने लगभग 16-18% का सालाना कंपाउंड ग्रोथ रेट (CAGR) दिया, जो अक्सर महंगाई और फिक्स्ड-इनकम निवेशों से बेहतर रहा। SGB 2020-21 Series-I का रिडेम्पशन (redemption) इसी ट्रेंड को दर्शाता है। गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) जैसे अन्य सोने में निवेश के विकल्पों की तुलना में, SGBs ऐतिहासिक रूप से मूल निवेशकों के लिए अतिरिक्त 2.5% सालाना ब्याज और टैक्स-फ्री मैच्योरिटी गेन्स का फायदा देते थे। गोल्ड ईटीएफ हाई लिक्विडिटी और कम फीस देते हैं, लेकिन इनमें फिक्स्ड ब्याज नहीं होता और रिडेम्पशन पर कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है। फिजिकल गोल्ड में मेकिंग चार्ज, स्टोरेज का रिस्क और शुद्धता की चिंताएं होती हैं, जिस कारण SGBs अक्सर बेहतर विकल्प साबित होते थे।
बजट 2026 में किए गए टैक्स बदलाव SGBs के लिए, खासकर सेकेंडरी मार्केट के निवेशकों के लिए, एक बड़ा झटका माने जा रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव सेकेंडरी मार्केट में SGBs की प्रासंगिकता को काफी कम कर देंगे और एक टैक्स-एफिशिएंट (tax-efficient) गोल्ड इन्वेस्टमेंट के तौर पर उनकी अपील घटा देंगे। पहले जो निवेशक सेकेंडरी मार्केट से डिस्काउंट पर SGBs खरीदकर मैच्योरिटी पर टैक्स-फ्री निकल जाते थे, अब वह रास्ता बंद हो गया है। फरवरी 2024 से कोई नया SGB जारी नहीं होने के कारण, निवेशक तेजी से सेकेंडरी मार्केट की ओर रुख कर रहे हैं, जहां लिक्विडिटी अक्सर सीमित होती है और अब टैक्स फायदे भी कम हो गए हैं। इस बदलाव से निवेशक अपनी टैक्स स्थिति और लिक्विडिटी की जरूरत के हिसाब से गोल्ड ईटीएफ या फिजिकल गोल्ड की ओर जा सकते हैं। सरकार पर लगभग ₹1.5 लाख करोड़ का आउटस्टैंडिंग SGB लायबिलिटी (liability) है, हालांकि उच्च उधारी लागत के कारण नए इश्यू बंद हो गए हैं।
SGBs के लिए यह नया टैक्स ढांचा सरकार की ओर से ट्रेडिंग को हतोत्साहित करने और मूल सब्सक्राइबर्स के लिए लॉन्ग-टर्म होल्डिंग को बढ़ावा देने का संकेत देता है। यह नीतिगत बदलाव निवेशकों की गोल्ड-लिंक्ड प्रोडक्ट्स के प्रति पसंद को बदलने की संभावना है। भले ही SGB 2020-21 Series-I से मिले मजबूत रिटर्न एक ऐतिहासिक उदाहरण हैं, लेकिन भविष्य में SGBs की आकर्षण क्षमता, खासकर सेकेंडरी मार्केट से खरीदने वालों के लिए, काफी कम हो गई है। निवेशकों को अब पोस्ट-टैक्स रिटर्न (post-tax returns) और लिक्विडिटी को ध्यान में रखते हुए SGBs की तुलना गोल्ड ईटीएफ और अन्य संपत्तियों से सावधानीपूर्वक करनी होगी। भू-राजनीतिक घटनाओं और आर्थिक कारकों से प्रेरित सोने की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव भी व्यापक गोल्ड मार्केट को प्रभावित करेगा।
