SEBI का बाजार इंटीग्रिटी पर फोकस
बाजार नियामक SEBI ने मार्केट की इंटीग्रिटी (integrity) और निवेशकों के भरोसे को मज़बूत करने के लिए कई बड़े नियम मंजूर किए हैं। इनमें SEBI के टॉप अफसरों और उनके परिवारों के लिए हितों के टकराव (conflict of interest) को लेकर कड़े नियम शामिल हैं। इसके तहत विस्तृत जानकारी देनी होगी, निवेश की सीमाएं तय होंगी और अफसर संबंधित फैसलों से खुद को अलग रखेंगे। इसके लिए एक नया ऑफिस ऑफ एथिक्स एंड कंप्लायंस (Office of Ethics and Compliance) भी बनाया गया है।
SEBI ने फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर (FPI) के कैश मार्केट ट्रेड के लिए नेटिंग (netting) सिस्टम को भी मंजूरी दी है। यह विदेशी निवेशकों को एक ही दिन के खरीद-बिक्री के सौदों को आपस में एडजस्ट (offset) करने की सुविधा देगा, जिससे ऑपरेशनल कदम और लागतें कम होंगी। यह सिस्टम 31 दिसंबर, 2026 तक लागू होने की उम्मीद है। SEBI बाजार में हेरफेर (manipulation) के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रहा है, जिसमें 1.33 लाख से ज्यादा भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट पर एक्शन शामिल है।