SBI की RBI को बड़ी सलाह: फॉरेक्स रिजर्व का इस्तेमाल करें
SBI की इस रिसर्च रिपोर्ट ने करेंसी मार्केट में हलचल मचा दी है। इसमें कहा गया है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारतीय रुपया जब 95 के पार निकल गया है, तब RBI को अपने भारी-भरकम विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को बाजार में उतारना चाहिए। SBI का मानना है कि भारत के पास $700 अरब से ज़्यादा का फॉरेक्स रिजर्व है, जो अटकलों (speculation) को रोकने के लिए काफी है।
रुपया क्यों गिर रहा है?
असल में, ईरान युद्ध के बढ़ने से दुनियाभर के बाजारों में अनिश्चितता (volatility) और 'रिस्क-ऑफ' सेंटीमेंट (risk-off sentiment) बढ़ा है। इसी का असर भारतीय रुपये पर भी देखा जा रहा है, जिसने सोमवार को एक समय डॉलर के मुकाबले 95 का स्तर पार कर लिया था।
ऑयल कंपनियों के लिए खास विंडो का सुझाव
रिपोर्ट में एक और अहम सुझाव दिया गया है। SBI ने कहा है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की रोज़ाना $250-300 मिलियन की फॉरेक्स डिमांड को आम बाजार से अलग रखने के लिए एक खास विंडो (special window) बनाई जानी चाहिए। इससे रेगुलेटर्स को विदेशी मुद्रा की मांग और आपूर्ति का साफ अंदाजा रहेगा और वे करेंसी में अवांछित उतार-चढ़ाव को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर पाएंगे।
ओपन पोजीशन लिमिट्स पर चिंता
SBI की रिपोर्ट ने RBI के बैंकों की 'ओपन फॉरेन एक्सचेंज पोजीशन' को मैनेज करने के हालिया प्रयासों पर भी चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन कदमों से ऑनशोर और ऑफशोर करेंसी मार्केट के बीच का अंतर (gap) बढ़ सकता है। इससे लिक्विडिटी की कमी हो सकती है और ऑफशोर प्रीमियम काफी बढ़ सकता है। सोमवार को 1-साल के नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड (NDF) प्रीमियम में 4.19% तक की बढ़ोतरी इसी का संकेत थी। रिपोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि Net Open Position (NOP-INR) की $100 मिलियन की लिमिट सिर्फ ट्रेडिंग बुक पर लागू होनी चाहिए, न कि पूरी बैंक बुक पर, ताकि ऑपरेशनल दिक्कतें कम हो सकें।