RBI का बड़ा एक्शन: रुपये को संभाला
सोमवार को भारतीय रुपया (Indian Rupee) डॉलर के मुकाबले 47 पैसे चढ़कर 91.51 पर बंद हुआ। यह पिछले 6 हफ्तों में एक दिन में सबसे बड़ी बढ़त थी। डीलर्स के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ट्रेडिंग सेशन शुरू होने से पहले नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड (NDF) मार्केट में आक्रामक डॉलर की बिकवाली की। इस कदम का मकसद हालिया बजट घोषणाओं और पिछले दिनों आई गिरावट से रुपये पर आ रहे दबाव को कम करना था, जब रुपया 92 के करीब पहुंच गया था। दिन भर के कारोबार में रुपया 91.44 से 91.83 के बीच रहा, और RBI ने पूरे दिन डेप्रिसिएशन (Depreciation) रोकने के लिए लगातार दखल दिया। फॉरेन पोर्टफोलियो इनफ्लो (Foreign Portfolio Inflows) का हल्का सहारा भी रुपये को मिला।
एनालिटिकल डीप डाइव: FY26 की कमजोरी के बीच रोज की मजबूती
सोमवार के कारोबार में रुपया दिन के लिए सबसे मजबूत एशियाई करेंसी (Asian Currency) बनकर उभरा, जिसने चीनी युआन ( 0.19% ) और हांगकांग डॉलर ( 0.04% ) की बढ़त को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, यह रोज की जीत फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में करेंसी की बड़ी मुश्किलों को छिपाती है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक, रुपया 7.08% गिर चुका है, और सिर्फ पिछले महीने में यह 1.5% टूटा है। 1 फरवरी को पेश हुए यूनियन बजट 2026 में विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के उपाय शामिल हैं, जैसे विदेशी व्यक्तियों के लिए इक्विटी (Equity) निवेश का उदारीकरण, जिससे FPI इनफ्लो (Foreign Portfolio Investor Inflows) को बढ़ावा मिल सकता है। फिर भी, सरकार की उधार योजनाओं और 'बिग बैंग' सुधारों की कमी को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इकोनॉमिस्ट्स (Economists) का कहना है कि मौजूदा कमजोर रुपया एक्सपोर्ट (Exports) में मदद कर सकता है, लेकिन लगातार गिरावट से निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है।
अच्छी खबर यह है कि RBI के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) 23 जनवरी 2026 को समाप्त हफ्ते में $709 billion के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए, जिसमें सोने की होल्डिंग में भारी बढ़ोतरी हुई। इससे वोलेटिलिटी (Volatility) के खिलाफ एक कुशन मिला है। सेंट्रल बैंक (Central Bank) की नेट आउटस्टैंडिंग शॉर्ट फॉरवर्ड बुक (Net Outstanding Short Forward Book) दिसंबर में $62.4 billion थी, जो पिछले महीने से कम है। यह लेवल रुपये की तेज मजबूती को सीमित कर सकता है। भारत की इकोनॉमी (Economy) FY26 में 7.5% से 7.8% के बीच बढ़ने का अनुमान है, जो डोमेस्टिक डिमांड (Domestic Demand) की मजबूती को दर्शाता है।
भविष्य का अनुमान
Finrex Treasury Advisors LLP के ट्रेजरी हेड अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि RBI के दखल ने रुपये को 92 प्रति डॉलर के स्तर को पार करने से सफलतापूर्वक रोका, और इसमें फॉरेन इनफ्लो का भी सहारा मिला। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि RBI की बड़ी शॉर्ट डॉलर फॉरवर्ड बुक (Short Dollar Forward Book) आगे और तेज मजबूती को सीमित कर सकती है। भंसाली का मानना है कि अगर RBI करेंसी की मजबूती को लगातार नहीं थामता है, तो मार्च के अंत तक रुपया 92.5-93 की ओर बढ़ सकता है, क्योंकि RBI की पोजीशन मैच्योर (Mature) होंगी।
इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 6 फरवरी 2026 को अपने मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) के फैसले की घोषणा करेगा, जिसमें दरों में कोई बदलाव न होने की उम्मीद है।