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FY26 का शेयर बाजार: तूफानी बिकवाली, दमदार घरेलू निवेश और सोने-चांदी की बंपर तेजी!

ECONOMY
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AuthorAditya Rao|Published at:
FY26 का शेयर बाजार: तूफानी बिकवाली, दमदार घरेलू निवेश और सोने-चांदी की बंपर तेजी!
Overview

Fiscal Year 2026 भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए एक बेहद उतार-चढ़ाव भरा दौर साबित हुआ। इस दौरान, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने रिकॉर्ड **₹1.8 लाख करोड़** की बिकवाली की, लेकिन भारतीय घरेलू निवेशकों (DIIs) ने **₹8.3 लाख करोड़** का भारी निवेश करके बाजार को संभाले रखा। इस फाइनेंशियल ईयर के अंत में, Sensex और Nifty अपने पिछले शिखर से कुछ नीचे बंद हुए।

साल 2026 के अंत में बाजार की स्थिति

भारतीय शेयर बाजार, फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) को अपने पहले के उच्च स्तरों से नीचे आकर बंद हुए। सेंसेक्स (Sensex) ने 1 दिसंबर को अपने लाइफ-टाइम हाई 86,159 अंक का स्तर छुआ था, लेकिन फाइनेंशियल ईयर के अंत में यह 71,948 अंक पर बंद हुआ, जो 5.4% की गिरावट दर्शाता है। वहीं, निफ्टी 50 (Nifty 50) ने 5 जनवरी को 26,373 अंक के शिखर को छुआ था, लेकिन FY26 का अंत 22,331 अंक पर हुआ, जो 3.6% नीचे था। बीएसई (BSE) के मार्केट कैप के अनुसार, निवेशकों की दौलत ₹412 लाख करोड़ पर सपाट रही।

विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली

FY26 की एक अहम बात रही विदेशी निवेशकों (FIIs) की भारतीय शेयर बाजार से रिकॉर्ड निकासी। एफआईआई (FIIs) ने भारी मात्रा में शेयर बेचे, जिससे कुल नेट आउटफ्लो ₹1.8 लाख करोड़ तक पहुंच गया। यह एनएसडीएल (NSDL) से रिकॉर्ड वार्षिक आउटफ्लो था, जो वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू समायोजन के बीच निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।

घरेलू फंडों का आया ₹8.3 लाख करोड़ का निवेश, IPO में बंपर कमाई

दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को मजबूत सहारा दिया। डीआईआई (DIIs), जिनमें म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) शामिल हैं, ने ₹8.3 लाख करोड़ की शुद्ध खरीदारी की, जिसमें अकेले म्यूचुअल फंड का योगदान ₹5.1 लाख करोड़ रहा। इस घरेलू मांग ने विदेशी बिकवाली के असर को काफी हद तक कम कर दिया। इस साल इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स (IPOs) के जरिए रिकॉर्ड ₹2 लाख करोड़ जुटाए गए, जो नए लिस्टिंग्स के प्रति मजबूत निवेशक की रुचि को दिखाता है। चार आईपीओ (IPO) में से प्रत्येक ने ₹10,000 करोड़ से अधिक जुटाए, जिसमें ₹15,111 करोड़ का टाटा कैपिटल (Tata Capital) ऑफर सबसे आगे रहा।

सोना और चांदी बने सबसे बड़े धन सृजक

FY26 में सोना (Gold) और चांदी (Silver) सबसे बड़े धन सृजक (wealth creators) बनकर उभरे। चांदी की कीमतों में दोगुने से अधिक का उछाल आया और यह ₹2.3 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। सोने की कीमतों में 47% का इजाफा हुआ और यह ₹1.5 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब बंद हुआ। यह प्रदर्शन बाजार की अस्थिरता के बीच सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव का संकेत देता है।

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