₹100 करोड़ से ज़्यादा कमाई करने वाले भारतीयों की रिकॉर्ड संख्या! 576 लोगों ने दर्ज की आय, जानें क्या है पूरा मामला

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
₹100 करोड़ से ज़्यादा कमाई करने वाले भारतीयों की रिकॉर्ड संख्या! 576 लोगों ने दर्ज की आय, जानें क्या है पूरा मामला

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, असेसमेंट ईयर (AY) 2025-26 के लिए रिकॉर्ड **576** लोगों ने ₹100 करोड़ से ज़्यादा की कुल आय घोषित की है। यह पिछले पांच सालों में सबसे ज़्यादा है। वहीं, टैक्स विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए 31 जुलाई की समय सीमा से पहले टैक्स फाइलिंग पूरी करने की अपील की है।

Detailed Coverage

वित्त मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों से पता चलता है कि भारत का टॉप इनकम ब्रैकेट तेज़ी से बढ़ रहा है। असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए 576 लोगों ने ₹100 करोड़ या उससे ज़्यादा की ग्रॉस टोटल इनकम दर्ज कराई है। यह आंकड़ा पिछले पांच सालों में सबसे ज़्यादा है, जो देश भर में हाई-नेट-वर्थ वाले करदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।

'बिलिनेयर' की नहीं है कोई ऑफिशियल परिभाषा

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारतीय टैक्स कानूनों में 'बिलिनेयर' (अरबपति) के लिए कोई औपचारिक कानूनी परिभाषा मौजूद नहीं है। संसद में पूछे गए सवालों के जवाब में अधिकारियों ने बताया कि देश के सबसे ज़्यादा कमाई करने वाले करदाताओं पर नज़र रखने के लिए वे ₹100 करोड़ की आय के आंकड़े का इस्तेमाल करते हैं। यह मापदंड सबसे अमीर भारतीयों के बीच रुझानों की निगरानी करने का एक स्पष्ट, डेटा-संचालित तरीका प्रदान करता है।

सालों से लगातार बढ़त

पिछले पांच असेसमेंट इयर्स में ₹100 करोड़ सालाना आय की सीमा पार करने वाले लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है। हालांकि असेसमेंट ईयर 2023-24 में ऐसे हाई-अर्नर्स की संख्या में थोड़ी गिरावट आई थी, लेकिन अगले दो सालों में मज़बूत रिकवरी और ग्रोथ देखने को मिली। यह उछाल बताता है कि इस खास इनकम ग्रुप का विस्तार किसी एक घटना का नतीजा नहीं, बल्कि एक व्यापक आर्थिक ट्रेंड का हिस्सा है।

टैक्स फाइलिंग की डेडलाइन नज़दीक

इन इनकम आंकड़ों के अलावा, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट मौजूदा फाइलिंग साइकिल को मैनेज करने के लिए अपने प्रयासों को तेज़ कर रहा है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए 4 करोड़ से ज़्यादा इनकम टैक्स रिटर्न्स पहले ही फाइल किए जा चुके हैं। जिन करदाताओं ने अभी तक अपना रिटर्न फाइल नहीं किया है, उन्हें 31 जुलाई की डेडलाइन याद दिलाई गई है। यह डेडलाइन खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो ITR-1 जैसे सरल फॉर्म भर रहे हैं। यह फॉर्म ₹50 लाख तक की आय वाले उन रेज़िडेंट व्यक्तियों के लिए है, जिनकी आय सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी और छोटी-मोटी एग्रीकल्चरल इनकम से आती है। इस तारीख तक नियमों का पालन करना ज़रूरी है ताकि संभावित पेनाल्टी या प्रोसेसिंग में देरी से बचा जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.