क्यों भागा RIL का शेयर? जानें नई ग्रोथ स्टोरीज
निवेशक अब Reliance Industries के ट्रेडिशनल एनर्जी बिजनेस की दिक्कतों से आगे बढ़कर, कंपनी के अलग-अलग ग्रोथ इंजन्स और फ्यूचर वेंचर्स पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। भले ही कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) थोड़ा घटा हो, लेकिन रेवेन्यू (Revenue) में हुई ग्रोथ और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने की क्षमता कंपनी की फ्यूचर-स्ट्रैटेजी को साफ दिखाती है। फोकस अब कंज्यूमर-फेसिंग बिजनेस और न्यू एनर्जी इनिशिएटिव्स पर है।
प्रॉफिट घटने के बावजूद शेयर में तेजी
Reliance Industries के शेयर सोमवार को 3.2% चढ़ गए, जो Nifty 50 के 0.8% के उछाल से कहीं ज्यादा था। यह तेजी कंपनी के जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजों के बाद आई। हालांकि, इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 8.9% घटकर ₹20,589 करोड़ रहा। लेकिन, रेवेन्यू 12.9% बढ़कर ₹3,25,290 करोड़ हो गया। EBITDA फ्लैट रहा। इससे लगता है कि डिजिटल सर्विसेज और रिटेल सेगमेंट की ऑपरेशनल स्ट्रेंथ ने एनर्जी से हुई कमजोर कमाई को संभाला, और निवेशकों को RIL के डाइवर्स ऑपरेशंस और फ्यूचर रेवेन्यू स्ट्रीम्स की वैल्यू दिखी।
वैल्यूएशन और ग्रोथ के मौके
Reliance का P/E रेशियो करीब 20.4-22.28 है, जो इंडियन ऑयल (P/E ~5.7) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (P/E ~4.8) जैसे डायरेक्ट ऑयल और गैस कंपटीटर्स से ज्यादा है। यह प्रीमियम RIL के बड़े इकोसिस्टम में निवेशकों के भरोसे को दिखाता है, जिसमें टेलीकॉम आर्म Jio Platforms और तेजी से बढ़ता रिटेल बिजनेस भी शामिल है। हालिया स्टॉक परफॉरमेंस शानदार रहा है, 2025 में यह 27% का ईयर-टू-डेट (Year-to-Date) गेन दे चुका है, जो Nifty50 के 9% के उछाल से काफी आगे है। RIL आने वाले समय में मजबूत मार्केट ट्रेंड्स से फायदा उठाने को तैयार है: भारत का कंज्यूमर मार्केट 2026 में और ज्यादा खर्च करने वाला है, और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर भी तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी न्यू एनर्जी में भारी निवेश कर रही है, जिसका लक्ष्य 2035 तक नेट-जीरो कार्बन स्टेटस हासिल करना है। इसमें ग्रीन अमोनिया, सोलर पीवी (Solar PV) और बैटरी स्टोरेज जैसे वेंचर्स शामिल हैं। 2026 की पहली छमाही में संभावित Jio IPO, जिसकी वैल्यूएशन $130-170 अरब के बीच आंकी जा रही है, भी एक बड़ा ग्रोथ ड्राइवर है।
संभावित रिस्क और चुनौतियाँ
इन पॉजिटिव संभावनाओं के बावजूद, RIL के सामने कुछ रिस्क भी हैं। ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट अस्थिर एनर्जी प्राइसेज और जियोपॉलिटिकल फैक्टर्स के कारण मार्जिन प्रेशर झेल रहा है। Q4 FY26 में इसका EBITDA मार्जिन 130 बेसिस पॉइंट्स कम हो गया। कंपनी विवादों में भी रही है, जिसमें फाइनेंशियल मिसकंडक्ट के आरोप और KG-D6 ब्लॉक जैसे रिसोर्स एक्सट्रैक्शन को लेकर डिस्प्यूट्स शामिल हैं। जामनगर रिफाइनरी को लेकर एनवायरनमेंटल कंसर्न्स भी हैं। रिटेल सेक्टर में बढ़ती कॉम्पिटिशन ग्रोथ को धीमा कर सकती है। RIL के न्यू एनर्जी प्लान्स तो बड़े हैं, लेकिन इनके एग्जीक्यूशन में काफी कैपिटल और पोटेंशियल रिस्क शामिल हैं। कंपनी को हाल ही में ₹57 करोड़ का GST फाइन भी मिला है।
भविष्य की ग्रोथ के लिए क्या है खास?
चेयरमैन मुकेश अंबानी न्यू एनर्जी इन्वेस्टमेंट्स को फ्यूचर ग्रोथ का एक बड़ा जरिया मानते हैं। उन्होंने सोलर मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज और ग्रीन अमोनिया में हो रही प्रगति का जिक्र किया। RIL का लक्ष्य बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स और रिन्यूएबल पावर जेनरेशन के साथ एक पूरा न्यू एनर्जी इकोसिस्टम बनाना है। 2026 की पहली छमाही में आने वाला Jio IPO काफी वैल्यू अनलॉक कर सकता है। ज्यादातर ब्रोकरेज फर्म्स (Brokerage Firms) अभी भी पॉजिटिव आउटलुक बनाए हुए हैं। CLSA, Nomura और Morgan Stanley जैसी फर्म्स ने टारगेट प्राइस ₹1,680 से ₹1,803 के बीच रखा है। उन्हें एनर्जी और केमिकल्स में रिकवरी के साथ-साथ रिटेल और डिजिटल सर्विसेज में लगातार मजबूती की उम्मीद है।
