RBI का बड़ा फैसला: ब्याज दरें स्थिर, पर महंगाई बढ़ने का 'खतरा'! जानें पूरी कहानी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
RBI का बड़ा फैसला: ब्याज दरें स्थिर, पर महंगाई बढ़ने का 'खतरा'! जानें पूरी कहानी
Overview

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने आज अपना बड़ा फैसला सुनाया है। **6 फरवरी 2026** को हुई बैठक में, MPC ने **रेपो रेट को 5.25%** पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। हालांकि, RBI ने आने वाली तिमाहियों में महंगाई (Inflation) में बढ़ोतरी की आशंका जताई है, जिसके कारण निवेशकों की चिंता थोड़ी बढ़ सकती है।

ब्याज दरें जस की तस, पर महंगाई की चिंता!

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) महंगाई का अनुमान 2.1% रखा गया है। लेकिन, चिंता की बात यह है कि RBI ने इसके बाद की तिमाहियों के लिए अनुमानों को बढ़ा दिया है। Q4 FY26 में महंगाई 3.2% तक पहुँच सकती है, वहीं Q1 FY27 में यह 4.0% और Q2 FY27 में 4.2% रहने का अनुमान है। इस बढ़त के पीछे की वजहों में कीमती धातुओं (Precious Metals) की कीमतों में उछाल, वैश्विक अनिश्चितताएं (Global Uncertainties) और ऊर्जा की अस्थिर कीमतें (Volatile Energy Prices) शामिल हैं। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5.00% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट 5.50% पर बरकरार हैं।

ग्रोथ की रफ्तार तेज, पर बाहरी चुनौतियां भी!

दूसरी ओर, भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ (Growth) की रफ्तार मजबूत बनी हुई है। RBI का अनुमान है कि FY26 में रियल GDP ग्रोथ 7.4% रह सकती है। इस ग्रोथ को यूरोपियन यूनियन (EU) और अमेरिका (US) के साथ हुए हालिया ट्रेड डील्स (Trade Deals) का सहारा मिला है। हालांकि, भू-राजनीतिक घटनाओं (Geopolitical Events) के कारण बाहरी चुनौतियां (External Headwinds) बढ़ रही हैं, जो वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुस्ती ला सकती हैं।

मार्केट वैल्यूएशन और कीमती धातुओं का असर

मार्केट की बात करें तो, निफ्टी 50 इंडेक्स 22.2 के P/E रेशियो पर ट्रेड कर रहा है, जो बाजार के वैल्यूएशन को दर्शाता है। भारत का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) जनवरी 2026 तक लगभग $5.0 ट्रिलियन तक पहुँच गया है। महंगाई के अनुमानों में कीमती धातुओं का जिक्र खास है। 6 फरवरी 2026 तक सोने (Gold) की कीमतें साल-दर-साल 68.77% बढ़कर $4,825.89/oz हो गई हैं, जबकि चांदी (Silver) में 129.45% की जबरदस्त उछाल आई है और यह $72.95/oz पर पहुँच गई है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि साल 2026 के अंत तक सोना $5,000/oz तक और चांदी $65/oz के पार जा सकती है। इन कमोडिटी की बढ़ती कीमतें महंगाई को और बढ़ा सकती हैं।

डेटा पर निर्भर फैसला और भविष्य के संकेत

RBI ने अपनी मॉनेटरी पॉलिसी को 'न्यूट्रल' यानी तटस्थ बनाए रखा है, जिसका मतलब है कि भविष्य के फैसले आने वाले इकोनॉमिक डेटा (Economic Data) पर निर्भर करेंगे। RBI जल्द ही GDP और महंगाई के आंकड़ों की नई सीरीज जारी करने वाला है, जिससे इकोनॉमी की सेहत की और बेहतर तस्वीर सामने आएगी।

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