RBI की चेतावनी: FY27 की पहली छमाही में महंगाई बढ़ाएगी प्रीशियस मेटल्स की चमक, कोर इन्फ्लेशन कंट्रोल में!

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AuthorNeha Patil|Published at:
RBI की चेतावनी: FY27 की पहली छमाही में महंगाई बढ़ाएगी प्रीशियस मेटल्स की चमक, कोर इन्फ्लेशन कंट्रोल में!
Overview

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली छमाही के लिए अपने इन्फ्लेशन (Inflation) के अनुमान को थोड़ा बढ़ा दिया है। प्रीशियस मेटल्स (Precious Metals) की ऊंची कीमतों को इसका मुख्य कारण बताया गया है। हालांकि, RBI का कहना है कि कोर इन्फ्लेशन (Core Inflation) अभी भी नियंत्रण में है।

RBI का नया इन्फ्लेशन अनुमान: क्या है वजह?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने शुक्रवार को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली दो तिमाहियों के लिए इन्फ्लेशन के अनुमान में मामूली बढ़ोतरी की घोषणा की है। गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि प्रीशियस मेटल्स की कीमतों में आई तेजी ही इस बदलाव का मुख्य कारण है। इसके चलते अनुमानित 60 से 70 बेस‍िस पॉइंट का असर दिख रहा है। अब RBI के अनुमान के मुताबिक, FY27 की पहली तिमाही (Q1) में इन्फ्लेशन दर 4.0% और दूसरी तिमाही (Q2) में 4.2% रहने का अनुमान है।

कोर इन्फ्लेशन अभी भी शांत

प्रीशियस मेटल्स के कारण अनुमान बढ़ने के बावजूद, केंद्रीय बैंक ने इस बात पर जोर दिया है कि महंगाई का मुख्य दबाव (Underlying Pressures) शांत रहने की उम्मीद है। गवर्नर मल्होत्रा ने साफ किया कि प्रीशियस मेटल्स जैसे अस्थिर हिस्सों को छोड़कर, कोर इन्फ्लेशन (Core Inflation) स्थिर बनी हुई है और जोखिम संतुलित हैं। हाल के आंकड़ों से भी यही पता चलता है कि नवंबर और दिसंबर में हेडलाइन कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) इन्फ्लेशन में लगभग 1% की बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाद्य समूह में आई डिफ्लेशन (Deflation) की दर कम होने के कारण थी। दिसंबर में, सोने को छोड़कर कोर इन्फ्लेशन 2.6% पर स्थिर रही।

बेस इफेक्ट्स का दिखेगा असर

हालांकि, RBI ने चेतावनी दी है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) में ईयर-ऑन-ईयर इन्फ्लेशन दर में मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसका कारण पिछले साल की चौथी तिमाही में कीमतों में आई बड़ी गिरावट (Base Effects) है। इसके चलते, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए CPI इन्फ्लेशन का अनुमान अब 2.1% रखा गया है, जिसमें चौथी तिमाही (Q4) के लिए 3.2% का अनुमान शामिल है।

बाजार की प्रतिक्रिया

कीमतों को लेकर RBI की चिंताएं वित्तीय बाजारों में भी दिखीं। शुक्रवार की सुबह निफ्टी मेटल इंडेक्स 0.3% गिरकर 11,882.30 पॉइंट पर कारोबार कर रहा था। उद्योग जगत ने RBI के इन्फ्लेशन अनुमान का स्वागत किया है। PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) ने कहा कि हेडलाइन CPI इन्फ्लेशन की स्थिति उपभोक्ताओं और उत्पादकों दोनों के लिए राहतभरी है। उन्होंने खाद्य कीमतों में नरमी, स्थिर कोर इन्फ्लेशन और पर्याप्त बफर स्टॉक को कीमत स्थिरता और GDP ग्रोथ के लिए सकारात्मक बताया। हालांकि, PHDCCI ने भू-राजनीतिक तनावों और कमोडिटी (Commodity) की कीमतों में अस्थिरता के कारण जोखिमों पर RBI की चेतावनी को भी दोहराया और सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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