RBI ने थामी ब्याज दरें: 5.25% पर 'पॉलिसी रेपो', पर नई डेटा सीरीज और सोने-चांदी के खेल ने बढ़ाई मुश्किलें!

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
RBI ने थामी ब्याज दरें: 5.25% पर 'पॉलिसी रेपो', पर नई डेटा सीरीज और सोने-चांदी के खेल ने बढ़ाई मुश्किलें!
Overview

RBI ने एक बार फिर अपनी **पॉलिसी रेपो रेट** को **5.25%** पर स्थिर रखा है। इस बार मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने FY27 के लिए कुछ अहम अनुमानों को टाल दिया है, जिसका मुख्य कारण आने वाले नए GDP और CPI डेटा सीरीज में बड़े बदलाव हैं।

RBI का रणनीतिक ठहराव, ग्रोथ पर भरोसा, पर इन्फ्लेशन की चिंता!

RBI ने 6 फरवरी, 2026 को हुई अपनी मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग में पॉलिसी रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला किया है। यह फरवरी 2025 से जारी 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती के बाद एक रणनीतिक ठहराव है। सेंट्रल बैंक ने अपना 'न्यूट्रल' स्टैंड (Neutral Stance) बनाए रखा है, जिसमें घरेलू ग्रोथ पर भरोसे और इन्फ्लेशन (Inflation) के बढ़ते दबावों के बीच संतुलन साधा गया है।

ग्रोथ में तेजी, पर आगे की राह डेटा पर निर्भर

RBI ने फाइनेंशियल ईयर (FY) 2025-26 के लिए रियल GDP ग्रोथ के अनुमान को 7.4% तक बढ़ा दिया है, जो पिछली बार के 7.3% से थोड़ा बेहतर है। FY27 की पहली तिमाही (Q1) के लिए ग्रोथ का अनुमान 6.9% (पहले 6.7%) और दूसरी तिमाही (Q2) के लिए 7.0% (पहले 6.8%) किया गया है। यह मजबूत घरेलू मांग और ट्रेड डील्स का नतीजा माना जा रहा है।

हालांकि, इन्फ्लेशन की पिक्चर थोड़ी पेचीदा है। FY26 के लिए CPI इन्फ्लेशन का अनुमान 2.1% (पहले 2.0%) कर दिया गया है, जबकि Q4 FY26 के लिए यह 3.2% (पहले 2.9%) रहने की उम्मीद है। FY27 की Q1 और Q2 के लिए इन्फ्लेशन अनुमान क्रमशः 4.0% और 4.2% बताया गया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि इस 'नॉइज' (Noise) का बड़ा कारण कीमती धातुओं (Precious Metals) जैसे सोना और चांदी की कीमतों में आई जबरदस्त उछाल है, जिसने आउटलुक में करीब 60-70 बेसिस पॉइंट्स का योगदान दिया है। बावजूद इसके, कोर इन्फ्लेशन (Core Inflation) अभी भी स्थिर बनी हुई है।

डेटा रीकैलिब्रेशन: पॉलिसी में नया मोड़?

RBI के फैसलों में एक बड़ा फैक्टर GDP और CPI कैलकुलेशन के नए बेस ईयर (Base Year) का आना है, जो फरवरी 2026 के मध्य में अपेक्षित है। GDP सीरीज 2022-23 के बेस पर शिफ्ट होगी, और CPI 2024 के बेस पर। इसी वजह से, RBI ने FY27 के लिए अपने पूरे साल के अनुमानों को अप्रैल में होने वाली MPC मीटिंग तक टाल दिया है, ताकि नए डेटा के आधार पर ज्यादा सटीक अनुमान लगाए जा सकें।

ग्लोबल संकेत और मार्केट की प्रतिक्रिया

दुनिया भर के सेंट्रल बैंक भी फिलहाल दरों को लेकर सतर्क हैं। US फेडरल रिजर्व ने जनवरी 2026 में अपनी फेड फंड्स रेट (Fed Funds Rate) 3.75% पर स्थिर रखी, वहीं ECB ने अपनी मेन रीफाइनेंसिंग रेट 2.15% पर बरक़रार रखी। कीमती धातुओं में भू-राजनीतिक तनावों और ग्लोबल अनिश्चितताओं के चलते भारी तेजी आई है। फरवरी 2026 की शुरुआत में सोने का भाव $5,047.07 और चांदी का $89.35 तक पहुँच गया था।

RBI की घोषणा के बाद, भारतीय शेयर बाजारों में मामूली बढ़त देखी गई। Sensex 266.47 अंक चढ़ा, और Nifty 50 में 50.90 अंकों का इजाफा हुआ। FMCG और प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स चमके, जबकि IT और PSU बैंक में गिरावट आई। बॉन्ड मार्केट में 10-साल के यील्ड (Yield) में बढ़ोतरी हुई क्योंकि RBI का 'न्यूट्रल' स्टैंड उम्मीद से थोड़ा कम Dovish (नरम) माना गया। एनालिस्ट्स का कहना है कि RBI फिलहाल मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी और ग्रोथ सपोर्ट के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है, और आगे के कदम नए डेटा और कमोडिटी की कीमतों की दिशा पर निर्भर करेंगे।

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