RBI की नई चाल: रियल एस्टेट को मिलेगी 'रीढ़', IT पर छाया संकट?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग का नतीजा आ गया है और केंद्रीय बैंक ने अपना फैसला सुना दिया है। रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा गया है, साथ ही मॉनेटरी पॉलिसी का रुख 'न्यूट्रल' बना रहेगा। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती देने के लिए एक अहम घोषणा की। अब बैंक प्रुडेंशियल सेफगार्ड्स के साथ रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) को लोन दे सकेंगे। इस कदम से प्रॉपर्टी डेवलपर्स के लिए लॉन्ग-टर्म फंडिंग की उपलब्धता बढ़ेगी और बाजार में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। RBI ने अगले फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.4% पर रखा है, वहीं इन्फ्लेशन का अनुमान थोड़ा बढ़ाकर 2.1% कर दिया है।
सेक्टरों में दिखा जबरदस्त अंतर: ITC चमका, IT फिसला
बाजार में आज सेक्टरों के बीच काफी बड़ा अंतर देखने को मिला। दिन के आखिर में एफएमसीजी (FMCG) और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में शानदार रिकवरी आई, जिसने बेंचमार्क इंडेक्स को ऊपर ले जाने में मदद की। खासतौर पर ITC के शेयर में 5.21% से ज़्यादा की तेजी देखी गई। ITC के हालिया Q3 FY26 नतीजों ने निवेशकों को लुभाया, जिसमें कंपनी के रेवेन्यू में 7.1% की बढ़ोतरी और शेयर में 5.6% का उछाल (₹327.70 तक) शामिल था। कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि ITC अभी भी अंडरवैल्यूड है और इसका टारगेट प्राइस ₹375-₹380 तक जा सकता है। इसके अलावा Kotak Mahindra Bank में 3.33% से ज़्यादा का उछाल, Hindustan Unilever में 2.83% का इजाफा, साथ ही Bharti Airtel, Bajaj Finance, Power Grid Corporation और Bajaj Finserv जैसे शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई।
इसके बिल्कुल विपरीत, देश का आईटी सेक्टर आज भी कमजोर बना रहा। Tata Consultancy Services, Tech Mahindra, Adani Ports, Asian Paints और HCL Technologies जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। Tech Mahindra के शेयर पर दबाव देखा गया, जो शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा था।
ग्लोबल संकेत और FIIs की बिकवाली
ग्लोबल मार्केट का हाल मिला-जुला रहा। अमेरिकी बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए, जबकि एशियाई बाजारों में भी मिली-जुली चाल दिखी। इस अनिश्चित माहौल के बीच, फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) गुरुवार को यानी 5 फरवरी 2026 को भारतीय बाजार से ₹2,150.51 करोड़ के शेयर बिकवाली करके बाहर निकले। इससे निवेशकों के सेंटिमेंट पर थोड़ा असर पड़ा। घरेलू बाजार की रिकवरी के बावजूद, रुपये में भी कमजोरी दिखी और यह 90.70 प्रति यूएस डॉलर पर बंद हुआ।
बाजार बंद और आगे की राह
दिन के अंत में, BSE Sensex 266.47 अंकों की बढ़त के साथ 83,580.40 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50.90 अंक चढ़कर 25,693.70 पर रहा।
विश्लेषकों का मानना है कि RBI का REITs में लोन की इजाजत देना रियल एस्टेट जैसी रेट-सेंसिटिव सेक्टर्स के लिए एक पॉजिटिव संकेत है। वहीं, बैंकिंग सेक्टर में Q3 FY26 में मजबूत क्रेडिट ग्रोथ (13-15%) और अच्छे एसेट क्वालिटी (GNPA 2.5% से नीचे) के बावजूद, डिपॉजिट कॉस्ट बढ़ने से नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव है। आईटी सेक्टर के सामने मार्जिन प्रेशर और ग्लोबल इकोनॉमिक शिफ़्ट्स के बीच स्ट्रैटेजिक एडॉप्टेशन की जरूरत बनी हुई है।
कुल मिलाकर, बाजार में सेक्टर-स्पेसिफिक परफॉरमेंस में अंतर बने रहने की उम्मीद है, और निवेशक RBI की पॉलिसी के क्रेडिट फ्लो और इन्फ्लेशन डायनामिक्स पर असर पर बारीकी से नजर रखेंगे।