Oxfam का IMF पर बड़ा आरोप! कहा - भारत को दी 'असमानता' बढ़ाने वाली टैक्स सलाह

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Oxfam का IMF पर बड़ा आरोप! कहा - भारत को दी 'असमानता' बढ़ाने वाली टैक्स सलाह
Overview

Oxfam ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की टैक्स सलाह पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक नई रिपोर्ट में Oxfam का कहना है कि IMF ने **2022** से **2024** के बीच भारत को सबसे ज़्यादा 'रिग्रेसिव' (Regressive) टैक्स सलाह दी है, जिससे देश में असमानता बढ़ने का खतरा है। Oxfam ने IMF पर अमीर देशों को प्रोग्रेसिव (Progressive) सलाह और निम्न-आय वाले देशों को रिग्रेसिव सलाह देने का 'डबल स्टैंडर्ड' अपनाने का आरोप लगाया है।

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IMF की सलाह में 'डबल स्टैंडर्ड' का खुलासा?

Oxfam का विश्लेषण बताता है कि IMF ने 125 देशों में दी गई 1,049 टैक्स सलाहों में से निम्न-आय और निम्न-मध्यम-आय वाले देशों के लिए 59% सलाहें रिग्रेसिव थीं। इसके विपरीत, उच्च-आय वाले देशों के लिए दी गई 52% सलाहें प्रोग्रेसिव थीं। रिग्रेसिव टैक्स सिस्टम का मतलब है कि इसमें गरीब या कम आय वाले लोगों पर ज़्यादा बोझ पड़ता है, जबकि प्रोग्रेसिव सिस्टम में ज़्यादा कमाने वालों से उनकी आय का ज़्यादा हिस्सा टैक्स के रूप में लिया जाता है।

भारत पर पड़ सकता है ज़्यादा असर

Oxfam की रिपोर्ट के अनुसार, भारत उन देशों में टॉप पर है जहाँ IMF ने ऐसी सलाहें दी हैं जो संभवतः उसके मध्यम और निम्न-आय वर्ग की आबादी पर ज़्यादा टैक्स का बोझ डाल सकती हैं, जबकि सबसे अमीर लोगों पर इसका कम असर होगा। Oxfam ने कहा कि IMF ने 2020 के बाद से दुनिया भर में अरबपतियों की दौलत में भारी बढ़ोतरी के बावजूद, नेट वेल्थ टैक्स (Net Wealth Tax) या कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gain Tax) जैसे प्रोग्रेसिव टूल्स की सलाह शायद ही कभी दी।

अमीर देशों को एक, गरीब को दूसरी सलाह?

रिपोर्ट में कहा गया है कि यूनाइटेड स्टेट्स, ब्राज़ील और कई यूरोपीय देशों को मुख्य रूप से प्रोग्रेसिव सलाहें मिलीं। जबकि भारत जैसे देशों को मिली सलाहें 'ग्लोबल साउथ' (Global South) में अमीरी और गरीबी के बीच की खाई को और चौड़ा कर सकती हैं।

Oxfam की IMF से मांगें

Oxfam International की वाशिंगटन ऑफिस की हेड, केट डोनाल्ड (Kate Donald) ने कहा कि IMF का यह रवैया उसकी निष्पक्षता के दावों पर सवालिया निशान लगाता है। Oxfam, IMF से आग्रह करती है कि वह अपनी सभी फिस्कल सलाहों में असमानता को कम करने को प्राथमिकता दे, प्रोग्रेसिव रेवेन्यू जुटाने वाली नीतियों को बढ़ावा दे, और कंजम्पशन टैक्स (Consumption Tax) पर निर्भरता को हतोत्साहित करे। इसके साथ ही, Oxfam चाहती है कि IMF अलग-अलग आय समूहों पर पड़ने वाले प्रभावों का कड़ा मूल्यांकन करे और हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (High-Net-Worth Individuals) पर ज़्यादा टैक्स लगाने पर भी ज़ोर दे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.