भू-राजनीतिक तनाव से कच्चे तेल में उबाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव ग्लोबल बाज़ारों में एक बार फिर से अस्थिरता ले आया है। अमेरिकी विदेश सचिव ने कहा है कि वॉशिंगटन एक शांति प्रस्ताव पर तेहरान के जवाब का इंतज़ार कर रहा है, और उन्होंने ईरान के जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर दावों को "अस्वीकार्य" बताया है। इस भू-राजनीतिक तनातनी का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत लगभग $101.73 प्रति बैरल तक पहुंच गई। पिछले एक महीने में इसमें करीब 6% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि साल-दर-साल यह 59% महंगा हो चुका है। यह बढ़ोतरी ऊर्जा के एक अहम पारगमन क्षेत्र में सप्लाई बाधित होने की आशंकाओं को दर्शाती है।
SBI के शेयर क्यों गिरे?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयर शुक्रवार को लगभग 7% टूट गए। बैंक के मार्च तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। जहाँ पूरे साल का प्रॉफिट रिकॉर्ड स्तर पर रहा, वहीं चौथी तिमाही में कोर इनकम उम्मीद से कम रही और स्लिपेज (slippages) में भारी बढ़ोतरी देखी गई। इसने एसेट क्वालिटी (asset quality) और प्रॉफिट पर दबाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दीं। देश के सबसे बड़े बैंक में इस बिकवाली (sell-off) ने हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बेंचमार्क इंडेक्स (benchmark indices) पर भी असर डाला, जिससे Sensex और Nifty नीचे बंद हुए। इसके बावजूद, Nifty ने हफ्ते के दौरान 1% की मामूली बढ़त दर्ज की।
भारतीय बैंकों पर बढ़ता दबाव
SBI का प्रदर्शन, भले ही व्यक्तिगत हो, भारतीय बैंकिंग सेक्टर में व्यापक चिंताओं को रेखांकित करता है। परिसंपत्ति की गुणवत्ता (asset quality) में प्रभावशाली सुधार के बावजूद, जहाँ ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 13 साल के निचले स्तर पर हैं, वहीं बैंकों को प्रॉफिट मार्जिन (profit margins) पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इसमें घटते मुनाफे, ऑपरेटिंग कॉस्ट (operating costs) में बढ़ोतरी और अनसिक्योर्ड लोन (unsecured loans) में बढ़ता तनाव प्रमुख हैं। HDFC Bank ने Q4 FY26 में 9.11% की साल-दर-साल प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की, लेकिन उसकी नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) उम्मीदों से कम रही। ICICI Bank और Axis Bank के शेयर भी शुक्रवार को गिरे। क्रेडिट-डिपॉजिट गैप (credit-deposit gap) के कारण ऊँची लागत वाली जमाओं पर बैंकों की निर्भरता भी मार्जिन पर दबाव बना रही है।
SEBI ने Zepto, Dhoot Transmission के IPO को दी मंज़ूरी
बाज़ार में दिन के दौरान कमजोरी के बावजूद, प्राइमरी मार्केट (primary market) में हलचल बनी हुई है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने छह कंपनियों के IPO प्लान को मंज़ूरी दे दी है, जिनमें क्विक कॉमर्स यूनिकॉर्न Zepto Ltd, ऑटो कंपोनेंट निर्माता Dhoot Transmission Ltd, Hotel Polo Towers Ltd, Crystal Crop Protection Ltd, Surgiwear Ltd, और Horizon Industrial Parks Ltd शामिल हैं। Zepto का $1 बिलियन का लिस्टिंग प्लान और Dhoot Transmission का $250 मिलियन जुटाने का प्लान बाज़ार में और गहराई लाएगा।
बाज़ार के जोखिम और IPO वैल्यूएशन
SBI के शेयरों में भारी गिरावट और Q4 नतीजों में बढ़े लोन स्लिपेज, विशेष रूप से अनसिक्योर्ड रिटेल लोन में, सेक्टर-व्यापी समस्याओं की ओर इशारा करते हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब बैंक घटते प्रॉफिट मार्जिन और बढ़ती ऑपरेटिंग लागतों का सामना कर रहे हैं। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव से तेल की ऊँची कीमतें बनी रह सकती हैं, जिससे भारत की इंपोर्ट कॉस्ट और इन्फ्लेशन (inflation) बढ़ सकती है। इससे आर्थिक विकास और कॉर्पोरेट अर्निंग्स (corporate earnings) पर दबाव पड़ सकता है। IPO पाइपलाइन सक्रिय है, लेकिन कुछ टेक लिस्टिंग, जैसे Zepto के वैल्यूएशन (valuations), बाज़ार की भावना (market sentiment) में बदलाव और प्रतिस्पर्धी दबावों के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं।
