अमेरिका-ईरान टेंशन से कच्चे तेल में तूफानी उछाल
गुरुवार को एशियाई शेयर बाज़ारों में गिरावट का रुख देखा गया, जिसका मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) हैं। इस तनाव के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगातार तेज उछाल जारी रहा। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) $120 प्रति बैरल के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे सप्लाई बाधित होने की आशंकाएं बढ़ गई हैं। तनाव कम होने के कोई संकेत न मिलने के कारण, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (West Texas Intermediate - WTI) क्रूड भी पिछले दिन की बढ़त को जारी रखते हुए ऊपर चढ़ गया।
फेडरल रिजर्व के संकेत: दरें स्थिर, पर भविष्य कड़ा
बाज़ारों को अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के फैसलों ने भी प्रभावित किया। भले ही फेड ने ब्याज दरों (Interest Rates) को यथावत रखा, लेकिन नीति निर्माताओं ने मौद्रिक नीति की भविष्य की दिशा पर संकेत दिए। इससे यह संकेत मिलता है कि भविष्य में फेडरल रिजर्व एक अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है, जो भविष्य में रेट हाइक की उम्मीदों को प्रभावित करेगा। इसके जवाब में, ट्रेजरी यील्ड (Treasury Yields) में वृद्धि देखी गई क्योंकि निवेशकों ने कड़े क्रेडिट शर्तों के लिए खुद को तैयार किया।
येन की धाड़, डॉलर की चमक!
फेड के कड़े नीति के संकेतों के बाद डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, जापानी येन (Japanese Yen) में तेज बिकवाली देखने को मिली और यह जुलाई 2024 के बाद पहली बार 160 येन प्रति डॉलर के पार गिर गया। येन की यह कमजोरी वैश्विक डॉलर की मजबूती और घरेलू आर्थिक कारकों का नतीजा है। प्रमुख एशियाई बाज़ारों में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जिसमें जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.3% और टोपिक्स (Topix) 1.7% नीचे कारोबार कर रहे थे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) भी गिरावट पर था।
