तेल के दाम चढ़े, बाज़ारों में घबराहट
गुरुवार की ट्रेडिंग में भारतीय शेयर बाज़ारों में गिरावट देखने को मिली, जिसका मुख्य कारण लगातार बढ़ते कच्चे तेल के दाम रहे। ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) तीन दिनों में 6.6% चढ़कर $71.87 प्रति बैरल तक पहुँच गया है। यह तेज़ी अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का नतीजा है, जिसके चलते अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर एक डेडलाइन जारी की है और ईरान ने पलटवार की धमकी दी है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रूड ऑयल इम्पोर्टर (Crude Oil Importer) है, इसलिए तेल की कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालती है। इससे महंगाई (Inflation) बढ़ती है, चालू खाते का घाटा (Current Account Deficit) बढ़ता है और रुपया (Rupee) कमज़ोर होता है, जो आर्थिक विकास को धीमा कर सकता है। इस चिंता के माहौल में विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign Institutional Investors) ने ₹880 करोड़ और घरेलू निवेशकों ने ₹596 करोड़ के शेयर बेच दिए, जिससे निफ्टी 50 (Nifty 50) और सेंसेक्स (Sensex) में 1.5% की बड़ी गिरावट आई।
ABB India: रेवेन्यू बढ़ा, पर मार्जिन पर दबाव
इलेक्ट्रिफिकेशन और ऑटोमेशन की जानी-मानी कंपनी ABB India ने दिसंबर क्वार्टर (2025) के लिए अपने मिले-जुले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल के मुकाबले 18.08% घटकर ₹432.85 करोड़ रह गया, भले ही इसका रेवेन्यू (Revenue) 5.71% बढ़कर ₹3,557.01 करोड़ हो गया। कंपनी के प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) मार्जिन में भी पिछले साल के 21.0% से घटकर 16.2% रह गया। मैनेजमेंट का कहना है कि कच्चे माल की बढ़ती लागत (Material Cost Inflation) और मज़दूरी (Labor Expenses) में वृद्धि की वजह से मार्जिन पर दबाव पड़ा है। इनपुट कॉस्ट इन्फ्लेशन के इस दौर में टॉप-लाइन बढ़ने के बावजूद प्रॉफिट कम होना, कंपनी के लिए एक चुनौती है। हालांकि, कंपनी ने चौथे क्वार्टर (Q4) में नए ऑर्डर्स में 52% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹4,096 करोड़ तक पहुँच गए हैं। यह पिछले पाँच सालों का चौथी तिमाही का सबसे बड़ा ऑर्डर इनटेक है। कंपनी के पास ₹10,471 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बैकलॉग (Order Backlog) भी है, जो भविष्य की आमदनी का संकेत देता है।
Texmaco Rail और RVNL: रेलवे सेक्टर में बड़ा दांव
रेलवे सेक्टर के लिए एक अहम खबर आई है, जहाँ Texmaco Rail & Engineering और सरकारी कंपनी Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) ने मिलकर एक जॉइंट वेंचर (JV) बनाया है। इस साझेदारी का मकसद Texmaco की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और RVNL की प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन (Project Execution) की ताक़त को जोड़ना है। यह JV घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों के लिए रोलिंग स्टॉक (Rolling Stock), इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) समाधान पेश करेगा। यह 'आत्मनिर्भर भारत' (Aatmanirbhar Bharat) पहल के अनुरूप है और भारत को एक ग्लोबल रेल हब (Global Rail Hub) बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस JV में RVNL की मेज़ॉरिटी हिस्सेदारी (Majority Stake) होगी, जबकि Texmaco के पास 49% शेयर होंगे। इस क्षेत्र में L&T और Siemens India जैसी कंपनियां भी मौजूद हैं। RVNL का P/E रेश्यो लगभग 60-67x है और मार्केट कैप (Market Cap) करीब ₹64,500 करोड़ है, जबकि Texmaco का P/E रेश्यो 26-31x और मार्केट कैप करीब ₹4,600 करोड़ है। Texmaco Rail के हालिया नतीजों में रेवेन्यू में कुछ नरमी देखी गई थी (Q3 FY26 में 21.5% YoY की गिरावट), ऐसे में इस JV का सफल होना कंपनी के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।