कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय बाज़ार को मिली मजबूती
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट ने भारतीय शेयर बाज़ार को जबरदस्त मजबूती दी है। बुधवार, 25 मार्च 2026 को, ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) के दाम $100 प्रति बैरल से नीचे जाने के बाद, एशियाई बाज़ारों से मिले सकारात्मक संकेतों के साथ भारतीय बाज़ार में भी तेज़ी देखी गई। BSE Sensex 885.32 अंक चढ़कर 74,953.77 पर पहुंच गया, जबकि NSE Nifty 307.65 अंक बढ़कर 23,220.05 पर कारोबार कर रहा था। भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए तेल की कीमतों में यह नरमी महंगाई को काबू में रखने और व्यापार घाटे को सुधारने में मददगार साबित हो सकती है। साउथ कोरिया के Kospi और जापान के Nikkei 225 जैसे पड़ोसी एशियाई बाज़ारों में भी उछाल देखा गया, जिसने बाज़ार के लिए सकारात्मक माहौल बनाया। बैंकिंग, सीमेंट और पोर्ट जैसे सेक्टर्स में खास तौर पर अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली और टेक सेक्टर में कमजोरी
इस व्यापक बाज़ार में उछाल के बावजूद, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय इक्विटीज़ (Equities) में बिकवाली जारी रखी। मंगलवार, 24 मार्च 2026 को FIIs ने ₹8,009.56 करोड़ के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹5,867.15 करोड़ के शेयर खरीदकर बड़ी मजबूती प्रदान की और विदेशी बिकवाली के दबाव को काफी हद तक संभाला। यह बड़ा अंतर निवेशकों की सावधानी और इस तेज़ी की निरंतरता पर संभावित अनिश्चितता को दर्शाता है।
टेक सेक्टर इस तेज़ी से अछूता रहा और यह एक कमजोर कड़ी साबित हुआ। Infosys और Tech Mahindra जैसी आईटी दिग्गजों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। लगभग 18 के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो पर कारोबार कर रही Infosys के शेयर पर विश्लेषकों की 'होल्ड' रेटिंग है, और रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के राजस्व (Revenue) में साल-दर-साल गिरावट और मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है। वहीं, लगभग 29 के P/E रेश्यो वाली Tech Mahindra पर विश्लेषकों की राय मिली-जुली है, कुछ 'बाय' या 'मॉडरेट बाय' रेटिंग दे रहे हैं, लेकिन वैल्यूएशन (Valuation) संबंधी चिंताएं और कमजोर प्राइस ट्रेंड (Price Trend) भी चिंता का विषय हैं। ग्लोबल आईटी खर्च (IT Spending) के पूर्वानुमान AI इंफ्रास्ट्रक्चर से ग्रोथ की उम्मीद जगा रहे हैं, लेकिन मेमोरी की बढ़ती कीमतों और सॉफ्टवेयर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण डिवाइस ग्रोथ में सुस्ती के संकेत भी हैं, जो भारतीय आईटी फर्मों के लिए चुनौतियां बढ़ा सकते हैं।
विश्लेषकों की राय और भविष्य का नज़रिया
मुख्य टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर विश्लेषकों की राय मिश्रित है। Infosys के लिए, कंसेंसस 'होल्ड' रेटिंग की ओर झुका हुआ है, और मीडियम प्राइस टारगेट (Price Target) में लगभग 30-35% के संभावित अपसाइड का संकेत मिलता है, हालांकि मौजूदा चुनौतियों को भी स्वीकार किया गया है। Tech Mahindra के विश्लेषकों की भी मिली-जुली राय और टारगेट प्राइस हैं, लेकिन वैल्यूएशन और प्राइस ट्रेंड चिंता का विषय बने हुए हैं। निकट भविष्य में बाज़ार की दिशा पश्चिम एशिया में आगे के घटनाक्रमों, DIIs के निरंतर समर्थन और कंपनियों, विशेष रूप से टेक्नोलॉजी सेक्टर की कंपनियों की वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और आंतरिक परिचालन चुनौतियों से निपटने की क्षमता पर निर्भर करेगी।