साल 2026 में जुलाई के महीने में भारतीय शेयर बाज़ारों ने शानदार प्रदर्शन किया है। Nifty और Sensex दोनों ने इस साल लगातार दूसरे महीने बढ़त दर्ज की है। इस तेज़ी का मुख्य कारण जून तिमाही के मजबूत नतीजे और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की वापसी रही, जबकि IT सेक्टर ने बाज़ी मारी।
बाज़ार में लौटी रौनक: Nifty और Sensex की लगातार बढ़त
जुलाई 2026 का महीना भारतीय शेयर बाज़ारों के लिए यादगार रहा। Nifty और Sensex दोनों इंडेक्स में लगातार दूसरे महीने तेजी देखने को मिली। Nifty ने महीने भर में 2.2% की छलांग लगाई, वहीं Sensex 2.1% चढ़ा। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे जून तिमाही के बेहतर नतीजों के साथ-साथ विदेशी निवेशकों का बाज़ार में लौटना रहा। जो निवेशक पहले बिकवाली कर रहे थे, अब खरीदारी करते नज़र आए।
इस तेज़ी का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी दिखा। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) ₹12 लाख करोड़ बढ़कर ₹486 लाख करोड़ तक पहुंच गया। हालांकि, ग्लोबल ऑयल कीमतों में 18.3% की बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक तनाव का असर बाज़ार पर रहा, पर Brent क्रूड $87.8 प्रति बैरल तक जा पहुंचा।
IT सेक्टर की तूफानी तेज़ी!
इस महीने की बाज़ार की तेज़ी के पीछे एक बड़ा कारण अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों का पैसा भारतीय बाज़ार में लगाना रहा। जैसे ही ग्लोबल मार्केट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े स्टॉक्स में गिरावट आई, निवेशकों ने भारतीय इक्विटी को एक स्थिर विकल्प के तौर पर देखा। इसका सबसे ज़्यादा फायदा भारतीय IT सेक्टर को मिला। Nifty IT इंडेक्स ने जुलाई 2020 के बाद अपनी सबसे मजबूत मासिक परफॉरमेंस दी और 16.8% का उछाल दर्ज किया।
IT सेक्टर की कंपनियों में HCL Technologies ने 25.7% की बढ़त के साथ सबसे ज़्यादा अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, Tech Mahindra 17.6% और Tata Consultancy Services (TCS) 16.4% चढ़े। टेक्नोलॉजी सेक्टर के अलावा, Bajaj Finance का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा, जिसने तिमाही नतीजों के बाद 8.1% की तेज़ी दिखाई। Bajaj Auto भी पीछे नहीं रही और 18.6% का उछाल दर्ज किया।
आगे क्या? बाज़ार की चाल पर नज़र
फिलहाल बाज़ार का सेंटिमेंट (Sentiment) पॉजिटिव है, जहां महीने के आखिरी कारोबारी दिन 2,522 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,722 शेयरों में गिरावट आई। पर, क्या यह तेज़ी जारी रहेगी, यह देखना अहम होगा। कई कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं, जो बाज़ार को सहारा दे रहे हैं।
आने वाले हफ्तों में निवेशकों को यह देखना होगा कि जून तिमाही में मुनाफे में आई बढ़ोतरी क्या बाकी सेक्टर्स में भी जारी रहती है या नहीं। इसके अलावा, ग्लोबल ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेश की रफ़्तार बाज़ार की दिशा तय करेगी।
