IT सेक्टर पर गिरी गाज
इस बड़ी गिरावट की एक मुख्य वजह IT कंपनियों के कमजोर नतीजे और उनके भविष्य के आउटलुक (Outlook) को लेकर चिंता रही। कई बड़ी IT फर्मों के शेयरों में 2-3% की गिरावट देखी गई, जैसे ही उन्होंने बाजार को कमजोर कमेंट्री (Commentary) और सतर्क दृष्टिकोण (Cautious Outlook) के बारे में बताया। इस बिकवाली ने हाल की बढ़त को खत्म कर दिया और मुश्किल वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच भविष्य की ग्रोथ (Growth) और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर सवाल खड़े कर दिए।
भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल का सैलाब
खाड़ी देशों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) का असर साफ दिख रहा है। अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण के बयान और ईरान के तेवर ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस अनिश्चितता का सीधा असर एनर्जी मार्केट (Energy Market) पर पड़ा है।
महंगाई की चिंताएं बढ़ीं
कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। Brent क्रूड $106 प्रति बैरल के ऊपर चला गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) $96 के करीब कारोबार कर रहा है। भारत के लिए यह एक अहम इनपुट कॉस्ट (Input Cost) है। इस बढ़ोतरी से महंगाई (Inflation) और देश के करंट अकाउंट डेफिसिट (Current Account Deficit) को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। आयात की बढ़ती लागत से राजकोषीय संतुलन (Fiscal Balance) पर भी दबाव पड़ सकता है।
बाज़ार में घबराहट और कुछ सुरक्षित ठिकाने
बाज़ार के डर को मापने वाला इंडिया VIX (India VIX) शुरुआती कारोबार में करीब 3.5% चढ़ गया। यह पिछले पांच सत्रों में 6% की बढ़ोतरी दर्शाता है और निवेशकों की बढ़ती घबराहट का संकेत है। ऑटो, मेटल, फार्मा, ऑयल एंड गैस (Oil & Gas) और फाइनेंशियल स्टॉक्स (Financial Stocks) में बिकवाली का दबाव व्यापक था। हालांकि, कुछ डिफेंसिव सेक्टर (Defensive Sectors) ने कुछ स्थिरता प्रदान की। ITC, Reliance Industries और Larsen & Toubro जैसे कुछ शेयर 1-2% तक चढ़ने वाले कुछ गिने-चुने शेयरों में शामिल थे।
बाज़ार में अस्थिरता (Volatility) जारी रहने की उम्मीद है, ऐसे में निवेशक कॉर्पोरेट नतीजों (Corporate Earnings) और भू-राजनीतिक विकास (Geopolitical Developments) पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं।
