Nifty 50 में गिरावट, महंगाई **4.38%** पार! ग्लोबल टेंशन और बढ़े क्रूड ऑयल से बाजार पर दबाव

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nifty 50 में गिरावट, महंगाई **4.38%** पार! ग्लोबल टेंशन और बढ़े क्रूड ऑयल से बाजार पर दबाव

मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ारों में तीन दिनों की तेज़ी पर ब्रेक लग गया। Nifty 50, **0.66%** गिरकर **24,052** पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और जून महीने के खुदरा महंगाई आंकड़ों के RBI के लक्ष्य से ऊपर जाने की वजह से बाज़ार में गिरावट देखी गई। निवेशकों ने **$30.43 बिलियन** के बढ़ते ट्रेड डेफिसिट पर भी प्रतिक्रिया दी।

क्यों गिरी भारतीय बाज़ार?

मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ारों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे तीन दिनों की तेज़ी का सिलसिला थम गया। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी के चलते निवेशकों की भावनाएं प्रभावित हुईं। Nifty 50 इंडेक्स 0.66% की गिरावट के साथ 24,052.05 पर बंद हुआ, जबकि BSE Sensex 0.72% लुढ़क कर 77,054.94 पर आ गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे नेट इम्पोर्टर देशों के लिए लागत बढ़ा सकती हैं।

घरेलू आंकड़ों का असर

घरेलू आर्थिक आंकड़ों ने भी बाज़ार में सतर्कता का माहौल बनाया। जून महीने के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) यानी खुदरा महंगाई दर 4.38% पर पहुंच गई, जो कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के लिए चिंता का विषय है। इसके साथ ही, देश का ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटा) बढ़कर $30.43 बिलियन हो गया। इन आंकड़ों ने कॉर्पोरेट मुनाफे और मॉनेटरी पॉलिसी पर संभावित दबाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

सेक्टरों का हाल और मार्केट ब्रेथ

बाज़ार में बिकवाली का दबाव व्यापक था, जिससे एक मंदी का रुझान देखने को मिला। इस दौरान, गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से कहीं ज़्यादा थी। Nifty PSU बैंक, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सेक्टर्स को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ, जिनमें 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। HCL Tech और Shriram Finance जैसी लार्ज-कैप कंपनियों में भी मुनाफावसूली के चलते गिरावट देखी गई।

आगे क्या?

टेक्निकल एनालिसिस के अनुसार, Nifty 50 फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। इंडेक्स 23,800 के सपोर्ट ज़ोन के पास ट्रेड कर रहा है। बाजार की नज़रें 24,300 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करने पर टिकी हैं। Nifty Bank इंडेक्स में भी 1.15% की गिरावट आई और यह 57,462.30 पर बंद हुआ। यह अभी भी अपने 200-दिन मूविंग एवरेज से ऊपर है, लेकिन 57,250 के स्तर पर सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि ये मैक्रोइकॉनॉमिक कारक भविष्य में कंपनियों के प्रदर्शन को कैसे प्रभावित करते हैं। बढ़ती महंगाई और ट्रेड डेफिसिट को देखते हुए, कंपनियों की इनपुट लागत को मैनेज करने और मार्जिन बनाए रखने की क्षमता आने वाले तिमाही नतीजों के लिए महत्वपूर्ण होगी। बाज़ार RBI से ब्याज दरों पर और स्पष्टता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता के संकेतों का इंतज़ार करेगा।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.