Nifty की मजबूत शुरुआत के संकेत, ग्लोबल सेंटिमेंट में सुधार

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nifty की मजबूत शुरुआत के संकेत, ग्लोबल सेंटिमेंट में सुधार

आज भारतीय शेयर बाज़ार में तेजी की उम्मीद है। अमेरिकी टेक्नोलॉजी स्टॉक्स से मिले सकारात्मक संकेतों और स्थिर कच्चे तेल की कीमतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। जुलाई में विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने भी बाज़ार को सहारा दिया है, जबकि निवेशक अब पहली तिमाही के नतीजों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

ग्लोबल संकेतों से बाज़ार में तेज़ी के आसार

इस शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में एक सकारात्मक शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) के शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि बेंचमार्क इंडेक्स में लगभग 100 अंकों की बढ़त दर्ज हो सकती है। यह तेज़ी मुख्य रूप से अमेरिकी सेमीकंडक्टर स्टॉक्स के मजबूत प्रदर्शन के कारण है, जिसने वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी सेंटिमेंट को बढ़ावा दिया है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी, जो वर्तमान में $71 से $72 प्रति बैरल के बीच कारोबार कर रही हैं, ने घरेलू बाज़ार को बड़ी राहत दी है। हाल ही में तेल की कीमतें $76 के स्तर को छू गई थीं।

पहली तिमाही के नतीजों पर नज़र

फाइनेंशियल ईयर 27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजों के सीज़न से पहले, एनालिस्ट इस बात पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं कि भारतीय कंपनियां लागत और मांग को कैसे प्रबंधित कर रही हैं। एमके ग्लोबल रिसर्च (Emkay Global Research) की हालिया रिपोर्ट बताती है कि सप्लाई की कमी और पिछले कुछ समय से कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के असर के कारण यह तिमाही थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन अंतर्निहित मांग (underlying demand) मजबूत बनी हुई है। आंकड़े बताते हैं कि स्टेपल गुड्स (staple goods) में साल-दर-साल राजस्व वृद्धि 10% रही, जबकि डिस्क्रिशनरी सेक्टर (discretionary sector) में 51% का मज़बूत विस्तार देखा गया।

एमके ग्लोबल का बाज़ार के प्रति नज़रिया सकारात्मक बना हुआ है, और उन्होंने फाइनेंशियल ईयर 27 के लिए निफ्टी अर्निंग पर शेयर (EPS) ग्रोथ 15% रहने का अनुमान लगाया है। उनका विश्लेषण बताता है कि 20.9x के फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) अनुपात के आधार पर मार्च 2027 तक निफ्टी 29,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। ब्रोकरेज हाउस वर्तमान में ऑटो और इंडस्ट्रियल सेक्टरों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) स्पेस पर अधिक सतर्क, अंडरवेट (underweight) पोजीशन बनाए हुए है।

बाज़ार की वोलेटिलिटी और सपोर्ट लेवल

इंडिया VIX (India VIX) द्वारा मापी गई बाज़ार की वोलेटिलिटी (volatility) में लगभग 9% की गिरावट आई है, जो 13.36 पर स्थिर हो गई है। यह गिरावट अक्सर शांत माहौल का संकेत देती है, हालांकि 0.79 का पुट-कॉल रेशियो (put-call ratio) बताता है कि ट्रेडर्स अभी भी कुछ हद तक सतर्क हैं। डेरिवेटिव्स सेगमेंट (derivatives segment) में, डेटा से पता चलता है कि 23,500 का स्ट्राइक प्राइस तत्काल सपोर्ट लेवल के रूप में काम कर रहा है, जहाँ महत्वपूर्ण पुट ओपन इंटरेस्ट (put open interest) है। इसके विपरीत, 24,500 का स्तर वर्तमान में रेजिस्टेंस ज़ोन (resistance zone) के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ कॉल ओपन इंटरेस्ट (call open interest) केंद्रित है।

निवेशक लार्ज-कैप (large-cap) और मिड-कैप (mid-cap) दोनों कंपनियों में अवसरों का मूल्यांकन करना जारी रखे हुए हैं, विशेष रूप से फाइनेंशियल सर्विसेज, केमिकल्स, कंस्ट्रक्शन मटीरियल्स और टेलीकम्युनिकेशन जैसे सेक्टरों में जहाँ कमाई की क्षमता दिख सकती है। आने वाले हफ्तों के लिए मुख्य निगरानी यह रहेगी कि व्यक्तिगत कंपनियां इनपुट लागतों को कैसे प्रबंधित करती हैं और व्यापक आर्थिक चरों के सामने उपभोक्ता मांग कितनी स्थिर रहती है।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.