पॉलिसी का इंतज़ार और ग्लोबल दबाव
आज के कारोबार में Nifty50 48 पॉइंट से ज़्यादा गिरकर 25,600 के स्तर के नीचे आ गया, जबकि BSE Sensex ने 100 पॉइंट से ज़्यादा की गिरावट के साथ 83,200 के आसपास कारोबार करना शुरू किया। बाजार में किसी बड़े डोमेस्टिक कैटलिस्ट (domestic catalyst) की कमी दिख रही है, और निवेशक RBI की पॉलिसी का इंतज़ार कर रहे हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि इंडेक्स में फिलहाल कोई मज़बूत दिशा वाली चाल नहीं दिख रही, कोशिशें की जा रही हैं लेकिन वो ज़्यादा देर टिक नहीं पा रही हैं।
एक्सपर्ट की राय: FIIs की बिकवाली चिंता का सबब
Geojit Investments Limited के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट, डॉ. वी.के. विजयकुमार ने बताया कि दुनियाभर में 'रिस्क-ऑफ' सेंटिमेंट (risk-off sentiment) काफी मज़बूत है। उन्होंने Bitcoin, चांदी और यहां तक कि सोने में भी बड़ी गिरावट देखी है। वहीं, टेक-हेवी Nasdaq भी अपने हाई से 6% नीचे आ गया है। विजयकुमार के मुताबिक, टेक और AI स्टॉक्स में हो रही बिकवाली, और 'AI ट्रेड' से बाहर निकलना, अगर जारी रहा तो मीडियम टर्म में इंडिया के लिए फायदेमंद हो सकता है। उन्होंने ये भी चेतावनी दी है कि फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) का बिकवाल बनना और डेरिवेटिव्स (derivatives) में अपनी शॉर्ट पोज़िशन्स बढ़ाना, नज़दीकी भविष्य में इंडियन मार्केट के लिए कमजोरी के संकेत दे रहा है।
RBI पॉलिसी से उम्मीदें
बाजार की ज़्यादातर उम्मीद यही है कि RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) आज ब्याज दरों (interest rates) में कोई बदलाव नहीं करेगी। पॉलिसी के रुख (policy stance) में भी बदलाव की संभावना कम है, हालांकि सेंट्रल बैंक का रवैया थोड़ा 'डोविश' (dovish) हो सकता है। एनालिस्ट्स का मानना है कि RBI फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए अपने ग्रोथ अनुमानों (growth targets) को ऊपर बढ़ा सकता है, जिससे मार्केट सेंटिमेंट में सुधार आ सकता है। लेकिन, इन उम्मीदों से किसी भी तरह का विचलन (deviation) बाजार में उतार-चढ़ाव ला सकता है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों का हाल
ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत भी इस सावधानी भरे माहौल को बढ़ा रहे थे। S&P 500 फ्यूचर्स 0.9% नीचे थे, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स (Hang Seng index) के फ्यूचर्स 1.4% गिर गए। जापान का Topix इंडेक्स 1%, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 1.6% और Euro Stoxx 50 फ्यूचर्स 1.1% नीचे थे, जो ग्लोबल इक्विटी में व्यापक कमजोरी को दर्शा रहे थे। हालांकि, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) ने गुरुवार को ₹2,150 करोड़ के शेयर बेचे, लेकिन डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने ₹1,130 करोड़ की खरीदारी करके बाजार को थोड़ा सहारा दिया।