भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार, 24 जुलाई को Nifty 50 इंडेक्स पर दबाव बढ़ा, जिसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी है। इंडेक्स फिलहाल 23,600 के अहम सपोर्ट लेवल पर ट्रेड कर रहा है, जिससे बाजार की अस्थिरता (Volatility) बढ़ गई है।
Detailed Coverage
बाजार में बिकवाली का दबाव
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। Nifty 50 लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। इस गिरावट का एक बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों का $100 प्रति बैरल के करीब पहुंचना है। भारत जैसे देश के लिए, जो ऊर्जा आयात पर निर्भर है, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई को बढ़ा सकती हैं और कंपनियों के मुनाफे (Profit Margins) पर भी असर डाल सकती हैं।
टेक्निकल आउटलुक और सपोर्ट लेवल्स
तकनीकी तौर पर Nifty 50 अपने प्रमुख मूविंग एवरेज (Moving Averages) से नीचे कारोबार कर रहा है, जो नियर-टर्म (Near-term) में सतर्क रहने का संकेत दे रहा है। बाजार के जानकारों की नजरें 23,600 के स्तर पर टिकी हैं, जो एक महत्वपूर्ण टेक्निकल सपोर्ट जोन है। अगर Nifty इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो यह 23,500 और 23,400 के स्तरों की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, कुछ पॉजिटिव संकेत भी मिल रहे हैं, क्योंकि इंडेक्स ने एक अपवर्ड-स्लोपिंग सपोर्ट ट्रेंडलाइन और 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल (Fibonacci Retracement Level) को डिफेंड किया है। इससे पता चलता है कि इन निचले स्तरों पर कुछ खरीदारी की दिलचस्पी बनी हुई है।
India VIX में बढ़त
रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 42.87 पर है, जो बियरिश मोमेंटम (Bearish Momentum) को दर्शाता है। वहीं, India VIX, जो बाजार की अपेक्षित अस्थिरता को मापता है, लगातार तीसरे दिन बढ़ा है और 14.03 पर पहुंच गया है। India VIX का 15 के पार जाना बाजार में और अधिक अनिश्चितता का संकेत देगा, जो इक्विटी निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है।
बैंकिंग सेक्टर की मजबूती
जहां एक ओर व्यापक Nifty इंडेक्स दबाव में है, वहीं बैंक निफ्टी (Bank Nifty) ने हालिया कारोबार में 0.2% की मामूली बढ़त दर्ज कर अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई है। इंडेक्स ने एक बुलिश कैंडलस्टिक पैटर्न (Bullish Candlestick Pattern) बनाया है, जो निचले स्तरों पर खरीदारी का संकेत दे सकता है। हालांकि, बैंक निफ्टी अभी भी अपने शॉर्ट- और मीडियम- टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है, और MACD जैसे टेक्निकल इंडिकेटर्स अभी भी बियरिश संकेत दे रहे हैं।
आगे क्या देखें?
ऑप्शंस डेटा (Options Data) Nifty के संभावित ट्रेडिंग रेंज का संकेत देता है। 24,000 के स्ट्राइक पर बड़ा ओपन इंटरेस्ट (Open Interest) इस स्तर को एक मजबूत रेजिस्टेंस (Resistance) के तौर पर दिखाता है। वहीं, 23,500 के स्ट्राइक पर पुट ओपन इंटरेस्ट (Put Open Interest) 23,600 के सपोर्ट के टूटने की स्थिति में इसे एक सेकेंडरी फ्लोर (Secondary Floor) के रूप में स्थापित करता है। निवेशकों को आगे कच्चे तेल की कीमतों की स्थिरता पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे बाजार की भावना को प्रभावित कर रहा है। साथ ही, पुट-कॉल रेशियो (PCR) और India VIX में होने वाले बदलावों पर भी नजर रखनी होगी ताकि यह समझा जा सके कि अस्थिरता कम हो रही है या बढ़ रही है।
