कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के सहारे Nifty 50 इंडेक्स **24,400** के रेजिस्टेंस लेवल को पार करने की कोशिश में है। 29 जुलाई को इसमें **1.1%** का उछाल देखा गया। हालांकि, बाजार की चाल सुधरी है, लेकिन पिछले हाई को छूने के लिए इसे मोमेंटम बनाए रखना होगा। वहीं, Bank Nifty अभी भी एक संकीर्ण दायरे में फंसा हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार इस वक्त एक कंसॉलिडेशन (Consolidation) फेज में है, जो हालिया तेजी के बाद देखने को मिल रहा है। 29 जुलाई को, Nifty 50 इंडेक्स 1.1% चढ़कर 24,250 पर बंद हुआ। इस तेजी के पीछे मुख्य वजह कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आई गिरावट रही, जिससे भारत का इम्पोर्ट बिल कम होने की उम्मीद है और बाजार का सेंटिमेंट (Sentiment) बेहतर हुआ है।
हालांकि, अब इंडेक्स के सामने 24,400 के स्तर पर एक मजबूत रुकावट है। यह स्तर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 200-दिन एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के करीब है, जो किसी इंडेक्स के लॉन्ग-टर्म ट्रेंड को ट्रैक करने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक टेक्निकल इंडिकेटर (Technical Indicator) है।
Nifty 50 को अपने पिछले स्विंग हाई (Swing High) 24,500 से 24,600 तक पहुंचने के लिए 24,400 के इस रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर बने रहना होगा। मार्केट डेटा से पता चलता है कि हाल ही में इंडेक्स को 23,600 के करीब सपोर्ट मिला था, जिसने पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में लगभग 650 अंकों की रिकवरी में मदद की। फिलहाल, Nifty अपने 20-दिन, 50-दिन, और 100-दिन EMA से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म मोमेंटम में सुधार का संकेत देता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 56 पर है, जो एक न्यूट्रल-टू-पॉजिटिव ट्रेंड दिखा रहा है।
Bank Nifty की दिशाहीन चाल
Nifty 50 में मजबूती के बावजूद, Bank Nifty टेक्निकल रेशियो चार्ट्स के अनुसार कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। बैंकिंग इंडेक्स 29 जुलाई को 0.79% बढ़कर 57,206 पर बंद हुआ, लेकिन यह अभी भी एक रेंज-बाउंड स्ट्रक्चर (Range-bound Structure) में फंसा हुआ है। इसे 57,300 से 57,400 के जोन में तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र से ऊपर एक सस्टेंड क्लोज (Sustained Close) 57,800 और 58,200 के स्तरों की ओर रास्ता साफ करने के लिए जरूरी है।
टेक्निकल एनालिसिस (Technical Analysis) से पता चलता है कि Bank Nifty अपने 20-दिन और 50-दिन EMA के करीब ट्रेड कर रहा है, जो फिलहाल फ्लैट (Flattened) हैं। यह दर्शाता है कि इस समय इंडेक्स में किसी स्पष्ट दिशात्मक ट्रेंड (Directional Trend) की कमी है। बैंकिंग इंडेक्स के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट 56,500 और 56,700 के बीच है, जबकि 56,000 पर एक मजबूत सपोर्ट लेवल देखा जा रहा है। अगर इंडेक्स 56,700 के सपोर्ट से नीचे गिरता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या इंडेक्स 57,500 के मार्क को निर्णायक रूप से पार कर पाता है, जो वर्तमान कंसॉलिडेशन ट्रेंड को बदल सकता है।
