भारतीय शेयर बाज़ार में आज लगातार चौथे कारोबारी दिन तेज़ी देखने को मिली। Nifty50 इंडेक्स 24,085.70 के स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भू-राजनीतिक घटनाओं के बीच, बाज़ार की नज़रें अब 100-दिन DEMA के अहम टेक्निकल लेवल पर टिकी हैं।
बाज़ार में लगातार चौथे दिन तेज़ी
17 जून, 2026, बुधवार को भारतीय इक्विटी बाज़ार ने अपनी सकारात्मक चाल जारी रखी। Nifty50 इंडेक्स सत्र के अंत में 96.55 अंक बढ़कर 24,085.70 पर बंद हुआ। यह लगातार चौथा दिन था जब बेंचमार्क इंडेक्स ने बढ़त दर्ज की। बाज़ार की व्यापक भावना सकारात्मक बनी रही, क्योंकि बढ़त वाले शेयरों की संख्या गिरावट वाले शेयरों से कहीं ज़्यादा थी।
कच्चे तेल में नरमी से मिला सहारा
आज बाज़ार को सहारा देने वाला एक प्रमुख कारण अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट थी। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति के बाद कीमतें $80 प्रति बैरल से नीचे आ गईं। भारत, जो अपनी तेल ज़रूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, के लिए कम क्रूड ऑयल कीमतें आम तौर पर सकारात्मक मानी जाती हैं। इससे महंगाई का दबाव कम होता है और तेल या ऊर्जा को इनपुट के रूप में उपयोग करने वाली विभिन्न उद्योगों की कंपनियों के मुनाफे में सुधार हो सकता है।
100-दिन DEMA: एक अहम टेक्निकल बाधा
बाज़ार सहभागियों का ध्यान इस समय एक खास टेक्निकल लेवल पर केंद्रित है: 100-दिन डबल एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (DEMA)। यह एक टेक्निकल टूल है जिसका उपयोग ट्रेडर्स एक निश्चित अवधि, इस मामले में 100 दिनों, में औसत मूल्य आंदोलन को ट्रैक करने के लिए करते हैं। DEMA वर्तमान में 24,153 के करीब स्थित है। यह लेवल हाल के महीनों, विशेष रूप से अप्रैल और मई में, मार्केट की तेज़ी के लिए एक सीलिंग, या रेजिस्टेंस, के रूप में काम कर चुका है। कुछ बाज़ार विश्लेषकों का मानना है कि अगर Nifty50 लगातार इस लेवल से ऊपर कारोबार करता है, तो यह बाज़ार के ट्रेंड में बदलाव का संकेत दे सकता है, जिससे 200-दिन DEMA लेवल की ओर और अधिक तेज़ी की संभावना खुल सकती है।
सेक्टर का प्रदर्शन
अलग-अलग सेक्टरों में आज मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, PSU बैंक और मेटल में निवेशकों की दिलचस्पी देखी गई, जो टॉप परफॉर्मर में शामिल थे और इंडेक्स को ऊपर ले जाने में मदद की। इसके विपरीत, ऑटो, रियल एस्टेट और हेल्थकेयर जैसे सेक्टरों को कुछ बिकवाली का सामना करना पड़ा, जिससे सत्र में मामूली नुकसान हुआ। इंडिया VIX, जो बाज़ार की अस्थिरता को मापता है, घटकर 13.19 पर आ गया, जिससे पता चलता है कि निवेशक इस समय ज़्यादा अस्थिरता वाले समय की तुलना में बाज़ार की स्थिरता को लेकर अधिक सहज हैं।
आगे क्या देखना महत्वपूर्ण होगा?
निवेशक 24,153 के स्तर के करीब बाज़ार के व्यवहार पर नज़र रख सकते हैं। इस लेवल से ऊपर एक निर्णायक बढ़त वह है जिसका कई बाज़ार पर्यवेक्षक ट्रेंड में बदलाव की पुष्टि के लिए इंतजार कर रहे हैं। नीचे की ओर, सपोर्ट लेवल 23,800 से 23,850 ज़ोन के पास नज़र रखे जा रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों की दिशा भी एक महत्वपूर्ण निगरानी बिंदु बनी रहेगी, क्योंकि कोई भी अचानक बदलाव बाज़ार की भावना को प्रभावित कर सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बाज़ार बिना किसी उलटफेर के इस गति को बनाए रख सकता है।
