मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। Nifty50 **0.34%** की नरमी के साथ **24,156** पर बंद हुआ। आईटी (IT) और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में हुई बिकवाली ने इंडेक्स को नीचे खींचा। हालांकि, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने मजबूती दिखाई, जिनमें से **73** स्टॉक्स **52-हफ्ते की नई ऊंचाई** पर पहुंचे।
Detailed Coverage
बाजार में क्यों आई नरमी?
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजारों में दबाव रहा। Nifty50 बेंचमार्क इंडेक्स 82.45 पॉइंट या 0.34% की गिरावट के साथ 24,156.05 पर बंद हुआ। वहीं, BSE Sensex में भी 293.85 पॉइंट की गिरावट आई और यह 77,414.67 पर पहुंच गया। इस गिरावट का मुख्य कारण इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में हुई बिकवाली थी, जिनका प्रमुख इंडेक्स में बड़ा वेटेज (Weightage) है।
सेक्टरों में दिखा मिला-जुला रुझान
जहां बड़े इंडेक्स कमजोर दिखे, वहीं ब्रॉडर मार्केट (Broader Market) में खरीदारी का रुझान बना रहा। Nifty Midcap 100 और Nifty Small Cap 100 इंडेक्स में क्रमशः 0.22% और 0.34% की बढ़त दर्ज की गई। BSE पर 1,929 शेयरों में तेजी आई, जबकि 1,392 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे खरीदारों का पलड़ा भारी रहा। रियलटी सेक्टर (Realty Sector) में सबसे ज्यादा बढ़त देखी गई, जबकि PSU बैंक शेयरों पर सबसे ज्यादा बिकवाली का दबाव रहा।
व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो, Nifty50 पर Shriram Finance 2.38% चढ़कर ₹1,060 पर पहुंच गया, जो दिन का टॉप गेनर रहा। एयरलाइन कंपनी IndiGo के शेयर में भी 1.24% की तेजी आई और यह ₹5,294 पर पहुंच गया, जिसका श्रेय क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतों में आई नरमी को जाता है। दूसरी ओर, Infosys और HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में गिरावट ने इंडेक्स पर दबाव बनाया। HDFC Bank में बड़ी मात्रा में ट्रेडिंग (Trading) देखने को मिली।
भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक संकेत
निवेशकों की धारणा पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर देखा गया। इन चिंताओं के चलते भारतीय रुपया (Indian Rupee) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो महीने के निचले स्तर के करीब आ गया। हालांकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतों में गिरावट आई, लेकिन एनर्जी मार्केट (Energy Market) की अस्थिरता पर नजर रखना अहम होगा, क्योंकि तेल की ऊंची कीमतें भारत की इंपोर्ट कॉस्ट (Import Cost) और महंगाई (Inflation) को प्रभावित कर सकती हैं।
तकनीकी स्तर और आगे की राह
तकनीकी रूप से, बाजार प्रतिभागी Nifty50 के लिए 24,030-24,050 के स्तर पर कड़ी नजर रखेंगे, जो एक अहम सपोर्ट ज़ोन (Support Zone) है। इस स्तर से नीचे जाने पर शॉर्ट-टर्म ट्रेंड (Short-term Trend) में बदलाव के संकेत मिल सकते हैं। वहीं, 24,260-24,280 के बीच रेजिस्टेंस (Resistance) दिख रहा है। Sensex के लिए 77,100 का स्तर इमीडिएट सपोर्ट (Immediate Support) माना जा रहा है। निवेशकों को आने वाले सत्रों में इन सपोर्ट स्तरों के साथ-साथ ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों और करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव पर भी ध्यान देना होगा, जो इंडेक्स की दिशा तय कर सकते हैं।
