बाज़ार में क्यों आई इतनी गिरावट?
वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाज़ारों में 27 फरवरी 2026 को भारी बिकवाली देखी गई। इस बिकवाली के चलते निफ्टी (Nifty) अपने 200-दिनों के EMA के नीचे बंद हुआ, जो एक महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर माना जाता है।
सेंसेक्स और निफ्टी की चाल
आज के कारोबारी सत्र में, बेंचमार्क सेंसेक्स (Sensex) 1.17% गिरकर 81,287.19 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 50 1.25% की गिरावट के साथ 25,178.65 पर आ गया। निफ्टी का 200-दिनों का EMA लगभग 25,250 पर था, जिसके नीचे क्लोजिंग बाज़ार में मज़बूत बिकवाली का संकेत है। जानकारों का मानना है कि इससे आगे और गिरावट आ सकती है, जो निफ्टी को 25,000 के साइकोलॉजिकल लेवल और फिर 24,800 के सपोर्ट ज़ोन तक ले जा सकती है।
सेक्टर्स का हाल: IT और मीडिया में मजबूती, बाकी लाल निशान में
ज्यादातर सेक्टर्स में बिकवाली हावी रही। ऑटो, बैंकिंग, एफएमसीजी (FMCG), मेटल और रियलिटी जैसे सेक्टर्स में 1-2% तक की गिरावट आई। वहीं, आईटी (IT) और मीडिया सेक्टर्स ने कुछ मजबूती दिखाई। निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.16% चढ़ा, जबकि निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.86% लुढ़का। यह दिखाता है कि निवेशक डिफेंसिव सेक्टर्स की ओर जा रहे हैं।
किन स्टॉक्स में हुई हलचल?
बाजार में गिरावट के बीच भी कुछ स्टॉक्स ने अलग प्रदर्शन किया। विशाल मेगा मार्ट (Vishal Mega Mart) के शेयर 7% टूट गए, क्योंकि ब्लॉक डील्स में बड़ी मात्रा में शेयर बिके। वहीं, नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया (Netweb Technologies India) के शेयर 4% चढ़ गए, क्योंकि कंपनी ने वर्टिव (Vertiv) के साथ एक नई साझेदारी की घोषणा की। एम.एस.टी.सी. (MSTC) 2% बढ़ा क्योंकि यह कोल इंडिया (Coal India) के एक टेंडर के लिए सबसे कम बोली लगाने वाला था। इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज (Infobeans Technologies) एक्स-बोनस (ex-bonus) के कारण 7% ऊपर चढ़ा, जबकि महानगर गैस (Mahanagar Gas) को एम्बिट कैपिटल (Ambit Capital) से 'बाय' रेटिंग मिलने के बाद लगभग 2% की बढ़त मिली। आरआर केबल (RR Kabel) भी एक्सिस कैपिटल (Axis Capital) से 'बाय' अपग्रेड के बाद 3% चढ़ा।
भू-राजनीतिक चिंताएं और एफआईआई (FII) का रुझान
ऐतिहासिक रूप से, भू-राजनीतिक तनावों के कारण आई बाज़ार की गिरावट के बाद अस्थिरता और कंसॉलिडेशन का दौर देखा गया है। इस बार भी, वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों का असर फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) के फ्लो पर पड़ रहा है। भारत का MSCI इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स (Emerging Market Index) में वेटेज भी 14% से नीचे चला गया है, जो ग्लोबल फंड्स द्वारा जोखिम भरी एसेट्स से दूरी बनाने का संकेत हो सकता है।
मार्केट वैल्यूएशन और आगे क्या?
27 फरवरी 2026 तक, निफ्टी 50 का पी/ई (P/E) रेशियो लगभग 23.5x पर था, जो करेक्शन से पहले भी बाज़ार को बहुत सस्ता नहीं दिखाता था। आईटी सेक्टर का पी/ई 25-30x रेंज में रहता है, जबकि ऑटो और बैंकिंग जैसे साइक्लिकल सेक्टर्स 15-20x पर ट्रेड करते हैं। विशाल मेगा मार्ट का पी/ई 70.0 था और इसकी मार्केट कैप ₹55,048 Cr थी। नेटवेब टेक्नोलॉजीज का पी/ई 118.06 था और मार्केट कैप ₹21,040.2 Cr थी। व्यापक बिकवाली बताती है कि कई वैल्यूएशन्स स्ट्रेच्ड थे, जिससे गिरावट का खतरा बढ़ गया था।
जानकारों की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं कि निवेशक सतर्क रहें। रेलिगेयर ब्रोकिंग (Religare Broking) के अजीत मिश्रा के अनुसार, बैंकिंग सेक्टर पर नज़र रखना ज़रूरी है। एसबीआई सिक्योरिटीज (SBI Securities) के सुदीप शाह बताते हैं कि निफ्टी के लिए 25,000-25,030 पर सपोर्ट और 25,350-25,380 पर रेजिस्टेंस है। यदि यह सपोर्ट टूटता है, तो निफ्टी 24,800 तक भी जा सकता है। इस गिरावट के बावजूद, कुछ स्टॉक्स को मिली ब्रोकरेज अपग्रेड्स बताते हैं कि चुनिंदा खरीदारी की उम्मीदें बनी हुई हैं, हालांकि ये नियर टर्म में बड़े मार्केट ट्रेंड से दब सकती हैं। मार्च 2026 का आउटलुक वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा।