22 जुलाई को Nifty 50 में **0.8%** की गिरावट दर्ज की गई, जो **23,996** पर बंद हुआ। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट से बाजार में चिंता बढ़ी है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की घबराहट बढ़ा दी है।
Detailed Coverage
क्यों गिरी भारतीय शेयर बाजार?
22 जुलाई को भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। Nifty 50 इंडेक्स 0.8% लुढ़क कर 23,996 के स्तर पर बंद हुआ। यह लगातार तीसरा सत्र रहा जब बाजार में गिरावट आई और इसने 24,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को भी तोड़ा, जो पिछले आठ सत्रों से बना हुआ था। इस गिरावट की मुख्य वजह मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव रहा, जिसने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों को $95 प्रति बैरल के करीब पहुंचा दिया।
तकनीकी संकेत दे रहे हैं चेतावनी
बाजार का तकनीकी हाल भी कमजोर दिख रहा है। Nifty 50 इंडेक्स अपने 10-दिन, 20-दिन, और 100-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से नीचे गिर गया। हालांकि इंडेक्स अभी भी 50-दिन के एवरेज से ऊपर है, लेकिन डेली चार्ट पर एक लंबी बियरिश कैंडल (Bearish Candle) बनी है, जो बताती है कि बिकवाल हावी हो रहे हैं। दूसरे इंडिकेटर्स भी इस बदलाव को दर्शाते हैं; रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 50 के न्यूट्रल मार्क से नीचे 48.61 पर आ गया, और MACD इंडिकेटर में बियरिश क्रॉसओवर (Bearish Crossover) देखने को मिला, जो और गिरावट का संकेत दे रहा है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) भी कमजोर रही। आंकड़ों के मुताबिक, सेशन के दौरान 2,120 शेयरों में गिरावट आई, जबकि केवल 875 शेयर ही बढ़त में रहे। इसके अलावा, इंडिया VIX, जो बाजार की अपेक्षित अस्थिरता (Volatility) को मापता है, 5.5% बढ़कर 13.29 हो गया। यह वृद्धि ट्रेडर्स के बीच बढ़ती सावधानी को दर्शाती है, लेकिन VIX अभी भी 15 के निशान से नीचे है, जिसका मतलब है कि वर्तमान अस्थिरता का स्तर अभी अत्यधिक तनावपूर्ण नहीं हुआ है।
बैंक निफ्टी में भी दिखी गिरावट
बैंकिंग शेयरों पर भी बिकवाली का दबाव देखा गया। बैंक निफ्टी इंडेक्स 1.23% गिरकर 709 अंक गंवाकर 57,127 पर बंद हुआ। इंडेक्स ने 57,300 के सपोर्ट लेवल को तोड़ा, जिसे तकनीकी विश्लेषक एक महत्वपूर्ण फिबोनाची रिट्रेसमेंट (Fibonacci Retracement) पॉइंट मानते हैं। व्यापक निफ्टी की तरह, बैंक निफ्टी के डेली चार्ट पर भी एक लंबी बियरिश कैंडल बनी और इसका RSI 48.1 पर आ गया, जिससे अल्पकालिक मोमेंटम (Momentum) के नकारात्मक होने की पुष्टि होती है।
निवेशकों के लिए, अब मुख्य ध्यान सपोर्ट और रेजिस्टेंस जोन पर होगा। विश्लेषकों का कहना है कि अगर Nifty 50 24,000 के ऊपर वापस नहीं लौट पाता है, तो यह अगले सत्रों में 23,800 से 23,780 के स्तर तक जा सकता है। ऊपर की ओर, इंडेक्स को 24,100 और 24,200 के बीच रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। इसी तरह, बैंक निफ्टी के लिए, बाजार पर नजर रखने वाले 56,700 से 56,600 के स्तर को एक महत्वपूर्ण फ्लोर (Floor) मानेंगे, और इससे नीचे किसी भी निरंतर गिरावट से यह 56,300 तक जा सकता है।
