टैक्सपेयर्स की बल्ले-बल्ले? CBDT लाया नए इनकम टैक्स रूल्स का ड्राफ्ट, मांगे पब्लिक से सुझाव!

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
टैक्सपेयर्स की बल्ले-बल्ले? CBDT लाया नए इनकम टैक्स रूल्स का ड्राफ्ट, मांगे पब्लिक से सुझाव!
Overview

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के तहत नए ड्राफ्ट रूल्स जारी किए हैं। ये नए नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे और इनका मुख्य मकसद टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाना है। CBDT पब्लिक से चार प्रमुख क्षेत्रों में सुझाव मांग रहा है: रूल्स की भाषा को सरल बनाना, मुकदमेबाजी (लिटिगेशन) कम करना, टैक्स भरने के बोझ को घटाना और पुराने या गैर-ज़रूरी रूल्स को पहचानना।

नए टैक्स सिस्टम के लिए कंसल्टेशन शुरू

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के लिए ड्राफ्ट रूल्स पर पब्लिक कंसल्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह अहम कानूनी बदलाव, जिसे अगस्त 2025 में राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी, 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। इसका मकसद भारत के डायरेक्ट टैक्स फ्रेमवर्क को सुव्यवस्थित करना है। प्रस्तावित रूल्स और फॉर्म्स अब ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, ताकि फाइनल गजट नोटिफिकेशन से पहले स्टेकहोल्डर्स अपना योगदान दे सकें।

टैक्स ढांचा होगा आसान

नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025, 1961 के एक्ट से एक बड़ा बदलाव है, जो इसकी जटिलता को काफी कम करता है। चैप्टर्स की संख्या आधी होकर 47 से 23 हो गई है। सेक्शनों की कुल संख्या 819 से घटकर 536 कर दी गई है। हालांकि, टेबल्स की संख्या बढ़कर 57 और फॉर्मूलों की संख्या 36 हो गई है। इस रीस्ट्रक्चरिंग का लक्ष्य टैक्सपेयर्स के लिए कंप्लायंस को और आसान बनाना है।

स्टेकहोल्डर्स से मांगे गए इनपुट

CBDT खास तौर पर चार अहम कैटेगरी में फीडबैक मांग रहा है: कानूनी भाषा को सरल बनाना, लिटिगेशन (मुकदमेबाजी) को कम करने के उपाय, कंप्लायंस के बोझ को कम करने की रणनीतियाँ, और किसी भी पुराने या गैर-ज़रूरी रूल्स और फॉर्म्स की पहचान। यह व्यापक कंसल्टेटिव एप्रोच एक टैक्सपेयर-फ्रेंडली माहौल बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्टेकहोल्डर्स की सुविधा और सुझावों को सबमिट करने के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक डेडिकेटेड यूटिलिटी भी लॉन्च की गई है। सभी सुझावों में विचाराधीन स्पेसिफिक रूल, सब-रूल, या फॉर्म नंबर का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा, साथ ही फीडबैक की संबंधित कैटेगरी भी बतानी होगी।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.