फंड की शानदार परफॉरमेंस का राज़
NPS की इस असाधारण 18.82% की रिटर्न की कहानी का मुख्य हीरो रहा डोमेस्टिक इक्विटीज़ (घरेलू शेयरों) का पोर्टफोलियो, जिसने 82.44% का ज़बरदस्त उछाल दिखाया। ओवरसीज़ (विदेशी) शेयरों ने भी 19.74% का सकारात्मक रिटर्न दिया, जिसने फंड की कुल परफॉरमेंस को 18.82% तक पहुँचाया। यह सब तब हुआ जब साउथ कोरिया का बेंचमार्क KOSPI इंडेक्स 2025 में 45% से ज़्यादा भागा और 6,000 पॉइंट्स के पार चला गया। 2024 में तो KOSPI ने 75% की तूफानी तेजी दिखाई थी।
टेक और AI का कमाल
इस ज़बरदस्त रैली के पीछे सबसे बड़ा हाथ सेमीकंडक्टर और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सेक्टर का रहा। Samsung Electronics और SK Hynix जैसी कंपनियों के शेयरों ने ग्लोबल AI बूम का भरपूर फायदा उठाया, जिसने NPS के पोर्टफोलियो को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
आगे की राह और एसेट एलोकेशन
इस शानदार परफॉरमेंस को देखते हुए, NPS ने 2026 के लिए अपनी एसेट एलोकेशन स्ट्रैटेजी को थोड़ा बदला है। फंड ने डोमेस्टिक शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का फैसला किया है। नवंबर 2025 के अंत तक, NPS के पोर्टफोलियो का 38.2% हिस्सा ओवरसीज़ एसेट्स, 21.5% डोमेस्टिक बॉन्ड और 17% डोमेस्टिक स्टॉक्स थे। NPS की लॉन्ग-टर्म प्लानिंग के अनुसार, 2030 तक इक्विटी में हिस्सेदारी बढ़ाकर 55% करने का लक्ष्य है, जिससे उनका रिस्क लेने का तेवर बढ़ेगा।
बाज़ार की चिंताएं और जोखिम
हालांकि, NPS का डोमेस्टिक टेक स्टॉक्स, खासकर सेमीकंडक्टर पर इतना ज़्यादा निर्भर होना एक बड़ा कॉन्संट्रेशन रिस्क (एकाग्रता जोखिम) पैदा करता है। KOSPI का इतनी तेज़ी से ऊपर जाना, जो फरवरी 2026 में 6,300 पॉइंट्स के पार चला गया था, इसकी सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) पर सवाल उठाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह रैली काफी केंद्रित रही है और मार्जिन लोंस रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे करेक्शन (गिरावट) का खतरा बढ़ गया है। KOSPI का फॉरवर्ड P/E रेश्यो करीब 10.4x है, जो रीजनल पीयर्स (क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों) से कम है, लेकिन चिपमेकर्स में हुई भारी बढ़त बाजार को कमज़ोर बना सकती है अगर AI डिमांड या मेमोरी चिप की कीमतें गिरीं।
NPS का नज़रिया
NPS के CEO, किम सुंग-जू का कहना है कि वे एसेट मैनेजमेंट क्षमताओं को मज़बूत करने और लॉन्ग-टर्म में स्थिर रिटर्न पाने के लिए फ्लेक्सिबल एसेट एलोकेशन और ज्योग्राफिक डाइवर्सिफिकेशन पर फोकस करेंगे। 2026 के लिए उनके नए टारगेट में डोमेस्टिक इक्विटी को 14.9% (पहले 14.4%) और ओवरसीज़ इक्विटी को 37.2% (पहले 38.9%) तक लाना शामिल है।