Morgan Stanley ने भारतीय शेयर बाज़ार के लिए एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि जून 2027 तक Sensex **89,000** के स्तर को छू सकता है। यह मौजूदा स्तरों से करीब **14%** की तेजी का संकेत देता है।
Sensex में तेजी की वजहें
Morgan Stanley ने अपने बेस-केस अनुमान में Sensex के लिए जून 2027 तक 89,000 का लक्ष्य रखा है, जिसके होने की संभावना 50% है। फर्म ने 100,000 के बुल-केस और 66,000 के बेयर-केस लक्ष्य भी दिए हैं, जिनकी संभावना 25-25% है।
इन सेक्टर्स पर दांव
Morgan Stanley फिलहाल डिफेंसिव सेक्टर्स के बजाय डोमेस्टिक साइक्लिकल सेक्टर्स पर फोकस कर रहा है। ब्रोकरेज फर्म की ओवरवेट रेटिंग फाइनेंशियल, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और इंडस्ट्रियल्स पर है, जबकि यूटिलिटीज, एनर्जी, मैटेरियल्स और हेल्थकेयर पर अंडरवेट रेटिंग है। कंपनी का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग आईटी (IT) सेक्टर के लिए बड़ा उत्प्रेरक (Catalyst) बन सकती है।
वैल्यूएशन और ग्लोबल फ्लो
हाल के आंकड़ों के मुताबिक, MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स की तुलना में भारत का वैल्यूएशन प्रीमियम घटकर 18% रह गया है, जो ऐतिहासिक औसत 73% से काफी कम है। ऐसा मुख्य रूप से AI सेक्टर में भारी निवेश के कारण ग्लोबल कैपिटल के बड़े टेक्नोलॉजी स्टॉक्स की ओर शिफ्ट होने से हुआ है। अगर ग्लोबल मार्केट में यह ट्रेंड बदलता है, तो भारतीय शेयर बाज़ार अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए और भी आकर्षक हो सकता है।
आगे क्या?
आने वाले तिमाही नतीजों (Quarterly Earnings) पर बाज़ार की चाल निर्भर करेगी। मजबूत इकोनॉमिक डेटा को देखते हुए उम्मीद है कि कंपनियों के नतीजे अनुमान से बेहतर आ सकते हैं। इसके अलावा, IPOs की बढ़ती संख्या भी बाज़ार को सपोर्ट कर सकती है, हालांकि आने वाले महीनों में नए लिस्टिंग की अधिकता चिंता का विषय बन सकती है। भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ को मज़बूत करने वाले फैक्टर्स मौजूद हैं, लेकिन फिलहाल देश की ग्रोथ ग्लोबल AI खर्च के चक्र से थोड़ा पीछे दिख रही है।
